Speciality Restaurants: Q2 मुनाफे में **52%** की धाकड़ उछाल, लेकिन कानूनी पचड़े में फंसी कंपनी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Speciality Restaurants: Q2 मुनाफे में **52%** की धाकड़ उछाल, लेकिन कानूनी पचड़े में फंसी कंपनी

Speciality Restaurants ने Q2 FY2027 के शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट **52%** बढ़कर **₹6.81 करोड़** पर पहुंच गया है। हालांकि, कंपनी एक कानूनी विवाद में फंस गई है, जहां प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कंपनी के **₹14.50 करोड़** फंड को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है।

मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस

कंपनी के हालिया फाइनेंशियल रिजल्ट्स काफी दमदार रहे हैं। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹116.44 करोड़ से बढ़कर ₹135.83 करोड़ हो गया है। इसी तरह, कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹4.47 करोड़ के मुकाबले ₹6.81 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है।

कानूनी पचड़ा और लिक्विडिटी का संकट

ऑपरेशनल मोर्चे पर जीत के बावजूद, कंपनी के सामने बड़ी कानूनी मुसीबत खड़ी हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने PMLA के तहत एक जांच के सिलसिले में कंपनी के ₹14.50 करोड़ अटैच कर लिए हैं। यह फंड 2023-25 के वारंट इश्यू से जुड़ा हुआ है। कंपनी का साफ कहना है कि वह इस मामले में आरोपी नहीं है, फिर भी फंड अटैच होने से लिक्विडिटी पर असर पड़ना तय है।

आगे की राह (The Legal Battle)

इस संकट को देखते हुए, Speciality Restaurants ने कलकत्ता हाई कोर्ट में रिट पिटिशन (WPA 30396 of 2026) दायर की है। कोर्ट का फैसला आने तक यह पैसा कंपनी की पहुंच से दूर रहेगा, जो निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकता है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

निवेशकों को अब पूरी तरह से कलकत्ता हाई कोर्ट की सुनवाई पर नजर रखनी चाहिए। इसके साथ ही, कंपनी का दुबई विस्तार यानी 'Speciality Restaurants L.L.C-FZ' का परफॉर्मेंस भविष्य के लिए एक बड़ा ग्रोथ ट्रिगर हो सकता है, लेकिन फिलहाल मैनेजमेंट का ध्यान कानूनी लड़ाई और अपनी कैश रिजर्व को बचाने पर होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.