Som Distilleries & Breweries के लिए FY26 का साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी के नेट प्रॉफिट में **90%** की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो **₹10.4 करोड़** के स्तर पर आ गया है। इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण भोपाल प्लांट का लाइसेंस सस्पेंशन और बढ़ते रेगुलेटरी झमेले हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी की कुल इनकम भी 14.8% घटकर ₹1,233.4 करोड़ रही, जबकि EBITDA मार्जिन सिकुड़कर 6.32% पर आ गया है। पिछले साल कंपनी का मुनाफा ₹104.5 करोड़ था, जो इस बार के खराब नतीजों के सामने काफी बड़ा अंतर दर्शाता है। 4 फरवरी, 2026 को भोपाल फैसिलिटी का मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस सस्पेंड होने से चौथी तिमाही में प्रोडक्शन पर गहरा असर पड़ा।
क्यों दबाव में है कंपनी?
रेगुलेटरी दिक्कतों के चलते बियर की वॉल्यूम में 20% की कमी आई है, जिससे EBITDA 56% गिरकर ₹78 करोड़ रह गया है। वहीं, कर्ज का बोझ भी बढ़ा है; ब्याज खर्च में 98.2% का उछाल देखा गया है, जो ₹22 करोड़ तक पहुंच गया है। इन हालातों को देखते हुए क्रेडिट रेटिंग एजेंसी Infomerics ने कंपनी की रेटिंग को A- से घटाकर BBB+ कर दिया है।
प्रमोटर्स का भरोसा और भविष्य की राह
संकट के बीच कंपनी ने लिक्विडिटी बढ़ाने का कदम उठाया है। बोर्ड ने प्रमोटर दीपक अरोड़ा को ₹25 करोड़ के प्रिफरेंशियल वॉरंट जारी करने की मंजूरी दी है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में नई ब्रूअरी शुरू की गई है, जिसकी सालाना कैपेसिटी 10 मिलियन केस है। अब बाजार की नजरें भोपाल प्लांट के कानूनी विवाद के समाधान और UP प्लांट के प्रोडक्शन पर टिकी हैं।
