Siyaram Silk Mills ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **16.4%** बढ़ा है, जबकि नेट प्रॉफिट **144.4%** उछलकर **₹11 करोड़** पर पहुंच गया है। इतना ही नहीं, शेयरधारकों को बोनस प्रेफरेंस शेयर (Bonus Preference Shares) भी मिलेंगे।
कंपनी के नतीजे क्या कहते हैं?
Siyaram Silk Mills Limited (SSWL) ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ₹466 करोड़ का टोटल इनकम दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹400 करोड़ की तुलना में 16.4% ज्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट (Profit After Tax - PAT) में 144.4% का जोरदार इजाफा हुआ, जो ₹5 करोड़ से बढ़कर ₹11 करोड़ हो गया। इसके अलावा, EBITDA 22.3% बढ़कर ₹40 करोड़ रहा।
शेयरधारकों को मिलेगा बोनस!
कंपनी ने एक और बड़ी घोषणा की है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) मुंबई ने इक्विटी शेयरधारकों को बोनस क्यूमुलेटिव नॉन-कनवर्टिबल रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर (Bonus Cumulative Non-Convertible Redeemable Preference Shares) जारी करने की स्कीम को मंजूरी दे दी है। इस बोनस इश्यू के लिए रिकॉर्ड डेट 22 अगस्त, 2026 तय की गई है।
क्यों है यह अहम?
प्रॉफिट में आई यह जबरदस्त तेजी कंपनी के मुख्य फैब्रिक बिजनेस में बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मजबूत प्रदर्शन को दर्शाती है। बोनस प्रेफरेंस शेयर सीधे तौर पर मौजूदा शेयरधारकों के लिए वैल्यू एडिशन हैं। हालांकि, कंपनी अपने रिटेल ब्रांड्स - ZECODE और DEVO - में भारी निवेश कर रही है, जो फिलहाल EBITDA मार्जिन पर असर डाल रहा है।
कंपनी की आगे की रणनीति?
SSWL अपने ZECODE और DEVO ब्रांड्स के साथ रिटेल-फर्स्ट स्ट्रेटेजी पर काम कर रही है, जिसका लक्ष्य इंटरनल एक्रुअल्स से फंडेड एसेट-लाइट मॉडल बनाना है। Q1 FY27 के अंत तक कंपनी के 49 स्टोर्स (30 ZECODE, 19 DEVO) थे और वित्त वर्ष 2027 के अंत तक लगभग 70 स्टोर्स खोलने का लक्ष्य है।
आगे क्या होगा?
शेयरधारक 22 अगस्त, 2026 की रिकॉर्ड डेट के आधार पर बोनस प्रेफरेंस शेयरों के लिए पात्र होंगे। कंपनी अपनी रिटेल एक्सपेंशन जारी रखेगी। मैनेजमेंट का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में 12% रेवेन्यू ग्रोथ और 14% EBITDA मार्जिन रहेगा। हालांकि, रिटेल निवेश के कारण EBITDA मार्जिन में लगभग 150 बेसिस पॉइंट की कमी आ सकती है।
इसके अलावा, एक रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट पर भी काम चल रहा है, जिसके निर्माण का काम Q2 FY27 में शुरू होने की उम्मीद है।
किन जोखिमों पर नजर रखें?
मुख्य जोखिम नए रिटेल स्टोर्स की प्रॉफिटेबिलिटी और मैच्योरिटी टाइमलाइन से जुड़ा है। मैनेजमेंट भले ही निवेश के दौर में EBITDA मार्जिन पर ~150 बेसिस पॉइंट के प्रभाव को स्वीकार कर रहा हो, लेकिन निवेशक चाहेंगे कि ये स्टोर्स समय के साथ मैच्योर हों और मार्जिन में सकारात्मक योगदान दें। रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट से होने वाली कमाई अभी बुक होनी बाकी है।
