Singer India के शेयर में बम्पर तेजी! पहली तिमाही में रेवेन्यू 57% बढ़ा, मुनाफे में 225% का उछाल

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AuthorMehul Desai|Published at:
Singer India के शेयर में बम्पर तेजी! पहली तिमाही में रेवेन्यू 57% बढ़ा, मुनाफे में 225% का उछाल

Singer India ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 57% बढ़कर ₹144.5 करोड़ हो गया है, जबकि प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 225% का जोरदार उछाल आया है। सिलाई मशीनें और पंखे का बिज़नेस इस ग्रोथ के पीछे मुख्य वजह है।

Singer India का कमाल: Q1 FY27 में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन

Singer India ने जून 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही में ज़बरदस्त नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 57% बढ़कर ₹144.5 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में तो जैसे आग लग गई, यह 225% की छलांग लगाकर ₹4.0 करोड़ हो गया। इतना ही नहीं, EBITDA में भी 330% का शानदार उछाल देखा गया और यह ₹5.5 करोड़ दर्ज किया गया।

क्यों है ये खबर अहम?

यह नतीजे बताते हैं कि Singer India अपने ऑपरेशन्स को काफी मजबूती से चला रही है और उसके प्रोडक्ट्स की मार्केट में ज़बरदस्त डिमांड है। मुनाफे में इतनी बड़ी बढ़ोतरी यह भी संकेत देती है कि कंपनी ने कॉस्ट कटिंग पर ध्यान दिया है या फिर अपने प्रोडक्ट्स के मार्जिन को बेहतर किया है, जो शेयरहोल्डर्स के लिए अच्छी खबर है। साथ ही, सरकार के नए नियमों के बीच डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग पर कंपनी का फोकस उसे भविष्य में और भी फायदे में रख सकता है।

कंपनी की स्ट्रेटेजी

Singer India अपनी सिलाई मशीनों, खासकर 'ZigZag' मॉडल को इम्पोर्ट करने के बजाय अब जम्मू स्थित अपने प्लांट में ही बना रही है। वहीं, अप्लायंसेज सेगमेंट में रॉ मटेरियल की बढ़ती कीमतों का असर तो है, लेकिन पंखों के बिज़नेस में अच्छी ग्रोथ देखी जा रही है। राजस्थान के भिवाड़ी में एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी बन रहा है।

आगे क्या?

कंपनी डोमेस्टिक प्रोडक्शन को सपोर्ट करने और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर इन्वेंटरी तैयार कर रही है। 'ZigZag' और इंडस्ट्रियल सिलाई मशीनों के कॉम्पोनेन्ट इम्पोर्ट करने के लिए एडवान्सेज भी दिए जा चुके हैं। उम्मीद है कि भिवाड़ी प्लांट में इसी साल के दूसरी छमाही में पायलट प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा।

रिस्क फैक्टर

एप्लायंसेज सेगमेंट में ग्रोथ तो है, लेकिन EPR कंप्लायंस कॉस्ट और मार्केट एक्सपेंशन में हुए खर्चों के कारण कंपनी को ₹0.74 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है। अगले साल तक इस सेगमेंट में EBIT लेवल पर ब्रेक-ईवन हासिल करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी।

अगली बड़ी खबर

इन्वेस्टर्स की नज़रें अब भिवाड़ी प्लांट के काम पर टिकी होंगी। यह देखना भी अहम होगा कि कंपनी एप्लायंसेज सेगमेंट में ब्रेक-ईवन का लक्ष्य कब तक हासिल कर पाती है। साथ ही, BIS के नए रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स का इम्पोर्ट पर क्या असर पड़ेगा और Singer India की मार्केट में क्या पोजीशन रहेगी, इस पर भी नज़रें रहेंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.