Sheela Foam का शानदार प्रदर्शन: FY26 में रिकॉर्ड रेवेन्यू और मुनाफे में **78.5%** की उछाल!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Sheela Foam का शानदार प्रदर्शन: FY26 में रिकॉर्ड रेवेन्यू और मुनाफे में **78.5%** की उछाल!

Sheela Foam ने वितीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी ने **₹3,820.84 करोड़** का रिकॉर्ड कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **11%** ज्यादा है। वहीं, कंपनी का मुनाफा **78.5%** बढ़कर **₹160.85 करोड़** हो गया है।

Sheela Foam के FY26 के नतीजे:

Sheela Foam ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वितीय वर्ष (FY26) के लिए अपने शानदार नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने ₹3,820.84 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले वितीय वर्ष (FY25) के ₹3,439.20 करोड़ की तुलना में 11% की वृद्धि दिखाता है।

मुनाफे में भारी बढ़ोतरी:

मुनाफे के मामले में भी कंपनी ने बाजी मारी है। FY26 में कंपनी का मुनाफा 78.5% बढ़कर ₹160.85 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल यह ₹90.09 करोड़ था। इसके अलावा, कंपनी ने रिकॉर्ड मात्रा में फोम का उत्पादन भी किया, जो 1 लाख मीट्रिक टन से अधिक रहा, साथ ही रेवेन्यू और EBITDA में भी रिकॉर्ड स्तर हासिल किया।

क्यों अहम है यह खबर?

ये नतीजे कंपनी के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाते हैं, जो कि सफल बिजनेस इंटीग्रेशन और ऑपरेशनल सुधारों का परिणाम है। मुनाफे और रेवेन्यू में यह बड़ी वृद्धि Sheela Foam की बाजार में बढ़ती पैठ और लाभप्रदता को साबित करती है। नेट डेट (Net Debt) में कमी ने कंपनी की वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया है।

कंपनी की रणनीति:

Sheela Foam पिछले कुछ समय से Kurlon के बिजनेस को इंटीग्रेट करने पर काम कर रही है, जो 17 सितंबर, 2025 को NCLT की मंजूरी के साथ पूरा हुआ। इसके अलावा, Staqo World Private Limited के विलय जैसी कॉर्पोरेट पुनर्गठनों का उद्देश्य ऑपरेशनल तालमेल (synergies) बढ़ाना है। कंपनी अपने बैलेंस शीट को बेहतर बनाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है और नेट-डेट-फ्री (Net Debt-free) बनने के लिए प्रतिबद्ध है।

आगे क्या?

इन शानदार नतीजों और सफल इंटीग्रेशन के बाद, Sheela Foam आगे भी ग्रोथ के लिए अच्छी स्थिति में दिख रही है। कंपनी प्रीमियम सेगमेंट और डिजिटल चैनलों पर फोकस कर रही है। शेयरधारकों के लिए ₹1 प्रति शेयर (20%) का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) भी घोषित किया गया है। निवेशकों की नजरें कंपनी के कर्ज-मुक्त बनने की दिशा में की जा रही प्रगति पर रहेंगी।

जोखिम (Risks):

निवेशकों को कच्चे माल, विशेष रूप से TDI और Polyol की कीमतों में उतार-चढ़ाव से मार्जिन में अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। वैश्विक अनिश्चितताएं सप्लाई चेन में रुकावटें भी पैदा कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त, मैनेजमेंट ने खपत के पैटर्न में असमानता का भी उल्लेख किया है, जो भविष्य की मांग को प्रभावित कर सकती है।

कंपनी के प्रमुख आंकड़े (FY26):

  • कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹3,820.84 करोड़ (FY25 में ₹3,439.20 करोड़)
  • कंसोलिडेटेड मुनाफा: ₹160.85 करोड़ (FY25 में ₹90.09 करोड़)
  • कोर EBITDA: ₹414 करोड़
  • कोर EBITDA मार्जिन: 10.8%
  • नेट डेट में कमी: ₹156 करोड़
  • नेट डेट/EBITDA अनुपात: 1.3x
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