Sheela Foam का कमाल! FY26 में प्रोडक्शन, रेवेन्यू और EBITDA के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, पहली बार मिलेगा डिविडेंड
Sheela Foam Limited ने चौथी तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं, और यह कंपनी के इतिहास में सबसे शानदार साल रहा है। फोम प्रोडक्शन, रेवेन्यू और EBITDA में कंपनी ने अब तक के सबसे ऊंचे आंकड़े दर्ज किए हैं।
मुख्य बातें:
पूरे FY26 के लिए, Sheela Foam ने फोम प्रोडक्शन, रेवेन्यू और EBITDA में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। Kurlon के इंटीग्रेशन का इसमें बड़ा योगदान रहा, जिससे पूरे साल मैट्रेस वॉल्यूम में 12% और चौथी तिमाही में 13% की ग्रोथ आई। कंपनी की 'U2O' (2000 से कम आबादी वाले कस्बे) पहल के तहत 5,000 से ज़्यादा कस्बों तक कंपनी की पहुंच बनी, जिससे वैल्यू ग्रोथ में 111% का उछाल आया। ई-कॉमर्स चैनलों पर भी ज़बरदस्त बढ़त देखी गई, जिसमें brand.com की बिक्री 136% और थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म की बिक्री 39% बढ़ी। कर्ज़ घटाने और सफल इंटीग्रेशन के बाद, बोर्ड ने 20% डिविडेंड की सिफारिश की है, जो कंपनी के लिस्ट होने के बाद पहला डिविडेंड होगा।
ऑस्ट्रेलिया और स्पेन में कंपनी के इंटरनेशनल ऑपरेशन्स ने भी बेहतर मुनाफे की रिपोर्ट दी है, जहाँ मार्जिन FY25 की तुलना में क्रमशः 400 बेसिस पॉइंट्स और 200 बेसिस पॉइंट्स बढ़े हैं।
स्ट्रेटेजिक जीत:
यह रिकॉर्ड प्रदर्शन Kurlon के अधिग्रहण के बाद हुए सफल कंसॉलिडेशन और ग्रोथ को दर्शाता है। प्रस्तावित डिविडेंड बेहतर वित्तीय सेहत और भविष्य की कमाई के प्रति आत्मविश्वास का संकेत देता है। छोटे कस्बों और डिजिटल चैनलों में विस्तार एक सफल ग्रोथ स्ट्रेटेजी साबित हो रही है, वहीं कंपनी की कच्ची सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी को मूल्य समायोजन (price adjustments) के ज़रिए संभालने की क्षमता परिचालन लचीलापन (operational resilience) दिखाती है।
कंपनी का बैकग्राउंड:
फोम और बेडिंग सेक्टर की एक प्रमुख कंपनी Sheela Foam ने अपने बाजार पहुंच और प्रोडक्ट रेंज को व्यापक बनाने के लिए Kurlon का अधिग्रहण किया था। अधिग्रहण के बाद से, कंपनी ने कर्ज़ घटाने और परिचालन दक्षता पर ज़ोर दिया है। 'U2O' पहल टियर 2 और टियर 3 शहरों में भारत के बढ़ते बाजारों तक पहुंचने की रणनीति का एक अहम हिस्सा है।
भविष्य का नज़रिया:
अपने मजबूत FY26 आधार पर निर्माण करते हुए, Sheela Foam आने वाले सालों में 15% से अधिक रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद कर रही है। FY27 के लिए ₹125–150 करोड़ का नियोजित पूंजीगत व्यय (capital expenditure) रखरखाव, बॉटलनेक हटाने (debottlenecking) और स्टोर विस्तार में मदद करेगा। कंपनी का लक्ष्य अगले 1 से 1.5 सालों में लगभग ₹300 करोड़ के अपने शेष भारत-आधारित कर्ज़ को चुकाना है। इसके अलावा, इसकी सहायक कंपनी Furlenco से FY27 तक ₹500 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य है, और अगले साल के भीतर एक संभावित IPO पर विचार किया जा रहा है।
संभावित जोखिम:
मैनेजमेंट ने भू-राजनीतिक जोखिमों, खासकर मध्य पूर्व से संबंधित, की पहचान की है जो सप्लाई चेन को बाधित कर सकते हैं। Kurlon इंटीग्रेशन से ₹40 करोड़ के सिनर्जी लाभ (synergy benefits) मिलने में 1.5 तिमाही की देरी देखी गई है, जो इंपोर्टेड मशीनरी की इंस्टॉलेशन समस्याओं के कारण है। पॉलीओल (Polyol) और टीडीआई (TDI) की कीमतों में 25-35% की वृद्धि के साथ अस्थिरता एक चिंता का विषय बनी हुई है, हालांकि कंपनी ने इसे ऑफसेट करने के लिए मूल्य वृद्धि लागू की है। कुशल इन्वेंट्री प्रबंधन और मौजूदा मूल्य समायोजन के कारण H1 FY27 में मार्जिन पर न्यूनतम प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
प्रदर्शन मीट्रिक:
- FY26 में कंपनी के इतिहास में सबसे अधिक वार्षिक फोम प्रोडक्शन, रेवेन्यू और EBITDA देखा गया।
- Q4 FY26 में मैट्रेस वॉल्यूम 13% और पूरे FY26 के लिए 12% बढ़ा।
- 'U2O' पहल 5,000 से ज़्यादा कस्बों तक पहुंची, जिससे वैल्यू ग्रोथ 111% बढ़ी।
- ई-कॉमर्स बिक्री में उछाल: Brand.com 136% बढ़ा, थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म 39% बढ़े।
- 20% डिविडेंड की सिफारिश की गई, जो Sheela Foam के लिस्ट होने के बाद पहला था।
- सहायक कंपनी के मार्जिन में सुधार: ऑस्ट्रेलिया +400 bps, स्पेन +200 bps (FY25 की तुलना में)।
- Furlenco ने ₹60 करोड़ का PAT और 30-35% ROCE दर्ज किया।
आगे क्या देखें:
निवेशक कर्ज़ घटाने और Kurlon इंटीग्रेशन से सिनर्जी लाभ के पूर्ण प्राप्ति पर Sheela Foam की प्रगति की निगरानी करेंगे। 'U2O' और ई-कॉमर्स सेगमेंट में निरंतर ग्रोथ भी महत्वपूर्ण होगी। संभावित Furlenco IPO और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का प्रबंधन महत्वपूर्ण कारक हैं जिन पर नज़र रखनी होगी।
