Shanti Gold International ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए बेहद मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **82%** बढ़कर **₹2,018.7 करोड़** पहुंच गया है, जबकि नेट प्रॉफिट में **159%** की जबरदस्त तेजी देखी गई है और यह **₹140.15 करोड़** रहा है।
मुनाफे में क्यों आई इतनी बड़ी तेजी?
कंपनी के शानदार परफॉर्मेंस के पीछे ज्वेलरी की बिक्री में आई 15.2% की वॉल्यूम ग्रोथ एक बड़ा कारण है। कंपनी ने कुल 1,747.8 किलोग्राम ज्वेलरी बेची है। इसके अलावा, मुंबई के मरोल में नई फैसिलिटी शुरू होने से मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में भी बड़ा इजाफा हुआ है।
आगे का क्या है प्लान?
कंपनी अपनी क्षमता को बढ़ाकर 7,900 किलोग्राम सालाना करने की दिशा में काम कर रही है। इसमें अंधेरी और मरोल यूनिट्स के साथ-साथ जल्द ही जयपुर की नई यूनिट भी जुड़ जाएगी। कंपनी ने टर्किश ज्वेलरी और मंगलसूत्र जैसे नए सेगमेंट में भी कदम रखा है, जो आने वाले समय में ग्रोथ को सपोर्ट कर सकते हैं।
स्ट्रैटेजिक अपडेट्स और निवेश
वर्किंग कैपिटल को मजबूत करने के लिए कंपनी ने हाल ही में ₹99.83 करोड़ का राइट्स इश्यू पूरा किया है। साथ ही, दुबई में नई सब्सिडियरी 'Shanti Gold Jewellery Trading L.L.C.' की शुरुआत कर कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपने पैर पसार लिए हैं। पंकजकुमार जगावत को फिर से मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, जिससे मैनेजमेंट की स्थिरता सुनिश्चित हुई है।
किन रिस्क पर रखें नजर?
ज्वेलरी सेक्टर में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर इन्वेंट्री कॉस्ट पर पड़ता है। हालांकि कंपनी तेजी से विस्तार कर रही है, लेकिन फिलहाल राजस्व का बड़ा हिस्सा घरेलू बाजार से ही आता है। इसलिए, निवेशकों को दुबई की नई ब्रांच से होने वाली कमाई और जयपुर प्रोजेक्ट की समय सीमा पर पैनी नजर रखनी चाहिए।
