Sapphire Foods India ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए **₹15.13 मिलियन** का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया है। कंपनी के मुनाफे पर Devyani International के साथ चल रहे मर्जर से जुड़े खर्चों का असर पड़ा है।
मुनाफे पर क्यों पड़ा असर?
कंपनी के नतीजों में ₹13.27 मिलियन का एक्सेप्शनल चार्ज शामिल है, जो पूरी तरह से Devyani International के साथ प्रस्तावित मर्जर से जुड़े खर्चों के कारण हुआ है। सितंबर तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹8,880.27 मिलियन रहा। वहीं, स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी को ₹57.02 मिलियन का घाटा हुआ है, जबकि पहली छमाही का नेट प्रॉफिट ₹125.09 मिलियन रहा है।
मर्जर का गणित (Share Swap Ratio)
निवेशकों की नजर इस बड़े विलय पर टिकी है। तय समझौते के अनुसार, हर 100 Sapphire Foods के शेयर के बदले निवेशकों को 177 Devyani International के शेयर मिलेंगे।
आगे की राह और जोखिम
दोनों कंपनियों ने 10 सितंबर, 2026 को Competition Commission of India के पास अपनी संयुक्त अर्जी दाखिल कर दी है। फिलहाल, यह सौदा जरूरी रेगुलेटरी और वैधानिक मंजूरी का इंतजार कर रहा है। निवेशकों को सलाह है कि वे रेगुलेटरी अपडेट्स पर नजर रखें, क्योंकि प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी या सरकारी शर्तों का असर मर्जर टाइमलाइन पर पड़ सकता है।
