Sapphire Foods India ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (FY26) के लिए ₹31.95 करोड़ का कंसोलिडेटेड घाटा दर्ज किया है। पिछले साल कंपनी ने मुनाफा कमाया था। हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू में **8.45%** की बढ़ोतरी हुई और यह ₹3,125.32 करोड़ पर पहुंच गया, जिसका मुख्य कारण नए स्टोर खोलना रहा।
Sapphire Foods की कमाई पर लागत का भारी बोझ
Sapphire Foods India Ltd. ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹31.95 करोड़ का कंसोलिडेटेड घाटा (Consolidated Loss) दर्ज किया है। यह पिछले वित्त वर्ष के ₹16.70 करोड़ के मुनाफे से एक बड़ा उलटफेर है। कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 8.45% की वृद्धि हुई है और यह ₹3,125.32 करोड़ पर पहुंच गया है।
घाटे की वजह क्या?
रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद मुनाफे में गिरावट बताती है कि कंपनी पर अपनी लागतों का भारी दबाव है। मटेरियल कंजम्पशन, कर्मचारी लाभ (Employee Benefits) और फाइनेंस कॉस्ट (Finance Costs) जैसी चीजें बढ़ी हैं, जिसने कंपनी की बॉटम लाइन (Bottom Line) को प्रभावित किया है।
विस्तार पर फोकस, पर ब्रांड्स की हालत खस्ता
Sapphire Foods के पास FY26 तक कुल 1,052 रेस्टोरेंट यूनिट्स का बड़ा नेटवर्क है और 13,819 कर्मचारी काम करते हैं। कंपनी ने इस साल 89 नए रेस्टोरेंट खोलकर विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया है, जो रेवेन्यू ग्रोथ में सहायक रहा। लेकिन, Pizza Hut जैसे ब्रांड्स का प्रदर्शन चिंताजनक है, जिनके रेवेन्यू में 7% की गिरावट आई और EBITDA मार्जिन -3.3% रहा।
Devyani International के साथ मर्जर
कंपनी के लिए एक बड़ी खबर यह है कि Devyani International के साथ प्रस्तावित मर्जर को दोनों बोर्डों ने 1 जनवरी, 2026 को मंजूरी दे दी है। उम्मीद है कि यह मर्जर कंपनी को बड़ी इकाई बनाने और परिचालन संबंधी खामियों को दूर करने में मदद करेगा।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की निगाहें अब कंपनी की लागत नियंत्रण (Cost Control) पर रहेंगी। बिजली और रॉयल्टी जैसे बढ़ते खर्चों का मार्जिन पर असर पड़ सकता है। साथ ही, Pizza Hut सेगमेंट में सुधार और परिचालन क्षमता (Operational Efficiency) को बढ़ाना कंपनी की भविष्य की लाभप्रदता (Profitability) के लिए महत्वपूर्ण होगा। Devyani International के साथ मर्जर की प्रगति पर भी बारीकी से नजर रखनी होगी।
