S H Kelkar and Company Limited ने दूसरी तिमाही के लिए अपने आंकड़े जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **15%** बढ़कर **₹632.7 करोड़** पहुंच गया है, हालांकि महंगाई और सप्लाई चेन की बाधाओं के चलते कंपनी के मार्जिन पर दबाव बरकरार है।
मजबूत डिमांड, पर चुनौतियों का दौर
सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने ₹632.7 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 15% ज्यादा है। यह ग्रोथ कंपनी की बाजार में पकड़ को दर्शाती है, लेकिन ग्लोबल स्तर पर कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई चेन की अस्थिरता ने मैनेजमेंट की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
कर्ज का गणित और रणनीति
फिलहाल कंपनी के सिर पर ₹911 करोड़ का नेट डेट (Net Debt) है। मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि यह कर्ज कैपेसिटी बढ़ाने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए लिया गया है। कंपनी अब अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए मीडियम से लॉन्ग टर्म 'डी-लीवरेजिंग' (Deleveraging) यानी कर्ज घटाने की रणनीति पर काम कर रही है।
निवेशकों के लिए अहम बातें
निवेशकों को अब इन तीन प्रमुख मोर्चों पर नजर रखने की जरूरत है:
- मार्जिन स्टेबिलिटी: क्या कंपनी कमोडिटी महंगाई के बीच अपने मार्जिन को बचा पाएगी?
- कर्ज कम करने की रफ्तार: कंपनी कितनी तेजी से अपना कर्ज घटाती है, यह शेयर की चाल के लिए महत्वपूर्ण होगा।
- कैश फ्लो: आने वाली तिमाहियों में कंपनी रेवेन्यू ग्रोथ को कैश फ्लो में बदलने में कितनी सफल रहती है।
