Royal Orchid Hotels ने तिमाही नतीजों में **36%** की ईयर-ऑन-ईयर रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जो **₹107 करोड़** रहा। हालांकि, बढ़े हुए खर्चों और GST के असर के कारण नेट प्रॉफिट में गिरावट आई है।
Royal Orchid Hotels की दमदार रेवेन्यू ग्रोथ, पर मुनाफे में क्यों आई गिरावट?
Royal Orchid Hotels के नतीजों में इस तिमाही रेवेन्यू में 36% की जोरदार उछाल देखने को मिली है, जो ₹107 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, EBITDA में 39% का इजाफा हुआ और यह ₹33 करोड़ रहा।
शेयरधारकों के लिए खास
कंपनी का रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) बढ़ना अच्छे संकेत हैं, जो मजबूत डिमांड और बेहतर मैनेजमेंट को दर्शाते हैं। लेकिन, नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल के ₹10.9 करोड़ की तुलना में घटकर ₹6.4 करोड़ रह गया है। कंपनी का कहना है कि बढ़े हुए फाइनेंशियल खर्च, डेप्रिसिएशन और नए होटलों के इंटीग्रेशन के शुरुआती फेज के कारण प्रॉफिट पर असर पड़ा है।
कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी
Royal Orchid Hotels अपनी एसेट-लाइट ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर फोकस कर रही है, जिसमें मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स और रेवेन्यू-शेयर एग्रीमेंट्स के जरिए अपने पोर्टफोलियो का विस्तार किया जा रहा है। इस तिमाही में 5 नए होटलों के साथ 237 नए कीज़ (Keys) जोड़े गए, जिससे कंपनी का कुल रूम इन्वेंटरी बढ़ा है।
GST का असर और नए ब्रांड का इंटीग्रेशन
कंपनी अपने प्रीमियम ICONIQA ब्रांड सहित नए प्रॉपर्टीज के इंटीग्रेशन पर काम कर रही है, जिसमें थोड़ा समय लग सकता है। हाल ही में GST नियमों में बदलाव के कारण कंपनी को ₹2.5 करोड़ का एकमुश्त इनपुट टैक्स क्रेडिट लॉस हुआ है, जिसका सीधा असर इस तिमाही के प्रॉफिट पर पड़ा है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी बढ़ते फाइनेंशियल खर्चों और डेप्रिसिएशन को कैसे मैनेज करती है। नए होटलों को प्रॉफिटेबल बनाने में कितना समय लगता है और GST नियमों का आगे क्या असर रहता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा। कंपनी का लक्ष्य अगले एक साल में 20% से अधिक ROCE हासिल करना है।
