Raj Oil Mills ने जून 2026 तिमाही के लिए **₹1.11 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के **₹1.41 करोड़** की तुलना में कम है। कंपनी ने अपनी 24वीं AGM और बुक क्लोजर की तारीखों का भी ऐलान किया है।
Raj Oil Mills के नतीजे: जून तिमाही में प्रॉफिट 5% गिरा
Raj Oil Mills Ltd. ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने ₹1.11 करोड़ का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी तिमाही यानी 30 जून, 2025 को दर्ज ₹1.41 करोड़ के मुनाफे से कम है।
तिमाही के दौरान कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹35.56 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹33.60 करोड़ से ज्यादा है। हालांकि, मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के ₹41.63 करोड़ के मुकाबले यह आंकड़ा कम है।
क्यों है ये खबर अहम?
जहां एक तरफ रेवेन्यू में साल-दर-साल (YoY) बढ़ोतरी हुई है, वहीं नेट प्रॉफिट में गिरावट कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव का संकेत दे रही है। निवेशक इस गिरावट की वजह जानने को उत्सुक होंगे और यह समझना चाहेंगे कि क्या यह एक अस्थायी रुझान है या कोई गंभीर समस्या। कंपनी की सालाना आम बैठक (AGM) और बुक क्लोजर की तारीखों की घोषणा एक नियमित कॉर्पोरेट प्रक्रिया है।
बैकस्टोरी: पुरानी परेशानियां
Raj Oil Mills के लिए यह कोई नई बात नहीं है। कंपनी के स्वतंत्र ऑडिटर की रिपोर्ट में असुरक्षित ऑपरेशनल क्रेडिटर्स और पब्लिक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) होल्डर्स के बकाए भुगतान का जिक्र है। यह मामला सितंबर 2022 से नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में विचाराधीन है, और कंपनी भुगतान के लिए निर्देश मांग रही है।
आगे क्या?
वित्तीय नतीजों के लिहाज से, कंपनी पिछले साल की तुलना में मुनाफे में पीछे खिसक गई है। कंपनी को आने वाली तिमाहियों में अपने बॉटम लाइन को बेहतर बनाने पर ध्यान देना होगा। AGM शेयरधारकों के लिए मैनेजमेंट से सीधे बात करने और स्पष्टीकरण मांगने का एक मंच प्रदान करेगी।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
ऑडिटर द्वारा क्रेडिटर्स और FD होल्डर्स के बकाया भुगतान पर दी गई विशेष टिप्पणी एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बनी हुई है। NCLT के निर्देशों के तहत इस मामले का समाधान कंपनी के गवर्नेंस और वित्तीय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। किसी भी देरी या प्रतिकूल फैसले का कंपनी पर असर पड़ सकता है।
भविष्य की राह
निवेशकों को अगली तिमाही में कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर करीब से नजर रखनी चाहिए। बकाया भुगतानों से संबंधित NCLT आवेदन की प्रगति और परिणाम महत्वपूर्ण कारक होंगे। आने वाली AGM की कार्यवाही और उसके नतीजे भी शेयरधारक जुड़ाव के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
