Raj Oil Mills Share Price: रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफे में गिरावट! कंपनी की AGM 28 सितंबर को

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Raj Oil Mills Share Price: रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफे में गिरावट! कंपनी की AGM 28 सितंबर को

Raj Oil Mills ने जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले **5.8%** बढ़कर **₹35.56 करोड़** हो गया है। हालांकि, नेट प्रॉफिट घटकर **₹1.11 करोड़** रह गया, जो पिछले साल **₹1.41 करोड़** था। कंपनी ने **28 सितंबर, 2026** को अपनी AGM (Annual General Meeting) भी बुलाई है।

Raj Oil Mills के नतीजे: रेवेन्यू बढ़ा, मुनाफा घटा

Raj Oil Mills Ltd. ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही के लिए अपने अनऑडिटेड वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी के ऑपरेशन्स से रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के ₹33.60 करोड़ से बढ़कर 5.8% होकर ₹35.56 करोड़ पर पहुंच गया है। लेकिन, टैक्स और अन्य खर्चों के बाद नेट प्रॉफिट (Profit After Tax - PAT) पिछले साल के ₹1.41 करोड़ की तुलना में घटकर ₹1.11 करोड़ हो गया है।

शेयरहोल्डर्स के लिए क्यों अहम है ये नतीजे?

रेवेन्यू में 5.8% की सालाना बढ़ोतरी एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन नेट प्रॉफिट में आई गिरावट शेयरहोल्डर्स के लिए चिंता का विषय हो सकती है। कंपनी अभी भी उन पुराने क्रेडिटर्स और फिक्स्ड डिपॉजिट होल्डर्स के मुद्दों को सुलझाने की कोशिश कर रही है जिनका पता नहीं चल पा रहा है। इस मामले को NCLT (National Company Law Tribunal) के जरिए हल किया जा रहा है।

NCLT और क्रेडिटर्स का मामला

Raj Oil Mills कुछ ऐसे अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स और पब्लिक फिक्स्ड डिपॉजिट होल्डर्स का बकाया चुकाने में जुटी है, जिनका पता नहीं लगाया जा सका है। इसके लिए कंपनी ने सितंबर 2022 में NCLT में एक याचिका भी डाली थी। 30 जून, 2026 तक ऐसे देनदारों का बकाया ₹0.53 करोड़ था।

आगे क्या?

28 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM शेयरहोल्डर्स के लिए मैनेजमेंट की स्ट्रेटेजी को समझने और इन लंबित मुद्दों पर चर्चा करने का एक महत्वपूर्ण मंच होगी। AGM के लिए 22 सितंबर से 28 सितंबर, 2026 तक बुक क्लोजर रहेगा।

जोखिम और अगली चाल

ऑडिटर द्वारा बताए गए मुख्य जोखिमों में से एक ऐसे क्रेडिटर्स का मामला है जिनका पता नहीं चल पा रहा है। NCLT से इस मामले पर निर्देश आने बाकी हैं। इसके अलावा, मार्च 2026 की तिमाही के मुकाबले रेवेन्यू में आई यह गिरावट (सीक्वेंशियल डिप) छोटी अवधि की मांग या ऑपरेशनल चुनौतियों की ओर इशारा कर सकती है, जिन पर नजर रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.