Prospect Consumer Products ने अपने फाइनेंशियल ईयर **2026** के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **85.67%** बढ़कर **₹57.54 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके पीछे चंगोदर स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की बड़ी भूमिका रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के सालाना नतीजों के मुताबिक, रेवेन्यू में बड़ी ग्रोथ देखी गई है, जो पिछले साल के ₹30.99 करोड़ से बढ़कर ₹57.54 करोड़ हो गया है। हालांकि, नेट प्रॉफिट (PAT) में 14.95% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹2.46 करोड़ रहा, जबकि डाइल्यूटेड EPS ₹4.01 पर स्थिर बना हुआ है।
मार्जिन पर दबाव की वजह
रेवेन्यू में शानदार बढ़ोतरी के बावजूद EBITDA मार्जिन पिछले साल के 13.66% से घटकर 10.95% पर आ गया है। मैनेजमेंट का कहना है कि कच्चे माल (Raw Material) की बढ़ती कीमतों और 'DriFrutz' ब्रांड की मार्केटिंग पर किए गए खर्चों के चलते मार्जिन पर दबाव दिखा है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले समय में यह मार्जिन 12-15% के स्तर पर वापस आ जाएगा।
ऑपरेशंस और कैपेसिटी
कंपनी की प्रोसेसिंग क्षमता अब 4,800 MTPA से ज्यादा हो गई है। फिलहाल 2,500-3,000 MTPA का यूटिलाइजेशन हो रहा है, जिसे कंपनी ने FY27 में 3,500-4,000 MTPA तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल कंपनी के 80% मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस ऑटोमेशन पर आधारित हैं।
AGM में बड़े प्रस्ताव
30 सितंबर, 2026 को होने वाली चौथी AGM में शेयरहोल्डर्स ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹7.50 करोड़ से बढ़ाकर ₹8.50 करोड़ करने पर वोट करेंगे। इसके अलावा बोर्ड मेंबर श्रीमती प्रियंका विमल मिश्रा की पुनर्नियुक्ति और डायरेक्टर के वेतन पर भी निर्णय लिया जाएगा।
निवेशकों के लिए रिस्क
निवेशकों को मार्जिन रिकवरी पर नजर रखनी होगी। साथ ही, कंपनी ने यह भी माना है कि FY26 के दौरान POSH एक्ट फाइलिंग में प्रक्रियात्मक चूक हुई थी, जिसे चालू फाइनेंशियल ईयर में सुधारने का वादा किया गया है।
