Prakash Woollen & Synthetic Mills: घाटे का झटका! पिछले साल मुनाफे के बाद इस बार ₹88.77 लाख का नेट लॉस

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Prakash Woollen & Synthetic Mills: घाटे का झटका! पिछले साल मुनाफे के बाद इस बार ₹88.77 लाख का नेट लॉस

Prakash Woollen & Synthetic Mills के निवेशकों के लिए बुरी खबर है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में **₹88.77 लाख** का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को **₹125.65 लाख** का मुनाफा हुआ था। कंपनी ने बढ़ी हुई कच्चे माल और ईंधन की लागत को इस नुकसान का मुख्य कारण बताया है।

क्यों आया घाटा?

कंपनी के ताज़ा नतीजों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को ₹88.77 लाख का नेट लॉस हुआ है। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी ने ₹125.65 लाख का मुनाफा कमाया था। टैक्स से पहले के मुनाफे (Profit Before Tax) के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं, जो इस बार ₹57.98 लाख के नुकसान में तब्दील हो गए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹144.70 लाख का प्रॉफिट था।

बढ़ती लागत का असर

कंपनी का कहना है कि कच्चे माल और ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसका बोझ उन्हें उठाना पड़ा है। इन बढ़ी हुई कीमतों को ग्राहकों पर पूरी तरह से डालना संभव नहीं हो पाया, जिससे कंपनी के मार्जिन पर सीधा असर पड़ा और वे मुनाफे से नुकसान की ओर बढ़ गए।

आगे क्या?

इस नुकसान से उबरने के लिए कंपनी ने अपनी क्लाइंट बेस बढ़ाने और रेवेन्यू बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बनाई है। साथ ही, कंपनी खर्चों को काबू में रखने के लिए भी कदम उठाएगी।

बोर्ड का फैसला

कंपनी के बोर्ड ने मिस्टर विजय कुमार गुप्ता को एक बार फिर होल-टाइम डायरेक्टर और सीएफओ (CFO) के तौर पर अगले तीन साल के लिए नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है। यह नियुक्ति 1 अप्रैल, 2027 से प्रभावी होगी। मिस्टर गुप्ता कंपनी के प्रमोटर डायरेक्टर हैं और तब से कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं जब से इसका गठन हुआ था। इस प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।

एजीएम (AGM) की जानकारी

कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 25 सितंबर, 2026 को होनी तय हुई है। इसमें मिस्टर गुप्ता की नियुक्ति समेत अन्य महत्वपूर्ण फैसलों पर वोटिंग की जाएगी। ई-वोटिंग 22 सितंबर से 24 सितंबर, 2026 तक खुली रहेगी।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

निवेशकों को एजीएम के नतीजों पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए, खासकर मिस्टर गुप्ता की नियुक्ति पर होने वाली वोटिंग पर। साथ ही, आने वाले तिमाही नतीजों से पता चलेगा कि कंपनी लागत नियंत्रण और रेवेन्यू बढ़ाने की अपनी रणनीति में कितनी सफल होती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.