Patanjali Foods ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र FDA द्वारा बिक्री पर रोक का निर्देश केवल एक डिस्ट्रीब्यूटर के पास मौजूद 'काऊ घी' के एक विशिष्ट बैच तक सीमित है। कंपनी के मुताबिक अभी तक कोई लैब रिपोर्ट नहीं मिली है जिससे क्वालिटी फेल होने की पुष्टि हो सके।
क्या है मामला?
Patanjali Foods Limited ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की कार्रवाई पर अपना रुख साफ किया है। कंपनी ने बताया है कि नियामक की ओर से यह निर्देश केवल राज्य के एक सुपर डिस्ट्रीब्यूटर के पास रखे गए घी के कुछ विशेष बैचों पर लागू है। यह कार्रवाई कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट या सीधे वेयरहाउस से जुड़ी नहीं है।
FDA की कार्रवाई की वर्तमान स्थिति
कंपनी के अनुसार, FDA ने डिस्ट्रीब्यूटर को उक्त बैचों की बिक्री रोकने का नोटिस दिया है। हालांकि, अधिकारियों ने जांच के लिए नमूने जरूर लिए हैं, लेकिन कंपनी को अब तक ऐसी कोई भी लैब रिपोर्ट नहीं मिली है जिससे यह साबित हो सके कि उत्पाद क्वालिटी मानकों पर खरा नहीं उतरा है।
कंपनी का पक्ष
मैनेजमेंट का कहना है कि किसी भी आधिकारिक रिपोर्ट के आने से पहले उत्पाद को 'मिलावटी' या 'सबस्टैंडर्ड' कहना जल्दबाजी होगी। कंपनी अपनी तरफ से पूरी तरह से रेगुलेटरी नियमों का पालन कर रही है और डिस्ट्रीब्यूटर व अधिकारियों से दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया में है ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
बाजार के जानकारों का मानना है कि निवेशकों को अब लैब रिपोर्ट के नतीजों पर नजर रखनी चाहिए। यदि रिपोर्ट में कोई खामी पाई जाती है, तो ब्रांड की साख पर असर पड़ सकता है। हालांकि, वर्तमान में यह मामला केवल एक डिस्ट्रीब्यूटर के स्तर तक ही सीमित है, लेकिन किसी भी प्रकार की रेगुलेटरी पेनल्टी या सप्लाई चेन में रुकावट कंपनी के सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकती है। कंपनी ने कहा है कि भविष्य में कोई भी मटेरियल डेवलपमेंट होने पर वह तुरंत इसकी जानकारी साझा करेगी।
