Orkla India ने Q1 FY27 में **11.5%** की ईयर-ऑन-ईयर रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जो **₹659 करोड़** रहा। कंपनी को यह बढ़त मसाले (spices) और कन्वीनियंस फूड्स (convenience foods) की मजबूत बिक्री से मिली है। साथ ही, डिजिटल कॉमर्स (digital commerce) में भी शानदार विस्तार देखा गया।
Orkla India का शानदार प्रदर्शन जारी
Orkla India ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी का रेवेन्यू (revenue) 11.5% बढ़कर ₹659 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में एक बड़ी छलांग है। इस शानदार ग्रोथ का मुख्य श्रेय कंपनी के मसाले (spices) और कन्वीनियंस फूड्स (convenience foods) जैसे प्रमुख सेगमेंट्स में ज़बरदस्त प्रोडक्ट सेल्स को जाता है।
डिजिटल कॉमर्स बना ग्रोथ का इंजन
ग्राहकों तक पहुंचने के कंपनी के प्रयासों को डिजिटल कॉमर्स (digital commerce) प्लेटफॉर्म पर मिली 38.1% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ से बल मिला है। यह दिखाता है कि Orkla India ऑनलाइन माध्यमों से ग्राहकों को जोड़ने में काफी सफल रही है।
मुनाफे में भी इजाफा, मार्जिन पर नियंत्रण
कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) एक्सेप्शनल आइटम्स से पहले 9.7% बढ़कर ₹87 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, EBITDA ₹115 करोड़ रहा, जो 17.5% का हेल्दी मार्जिन दर्शाता है। खास बात यह है कि कंपनी ने कच्चे माल, खासकर मसालों में आई 32.8% की महंगाई के बावजूद अपने मार्जिन को बनाए रखा है। मैनेजमेंट ने प्राइसिंग और कॉस्ट कंट्रोल पर फोकस करके इसे संभव बनाया है।
केरल में रीस्ट्रक्चरिंग का असर
केरल में चल रहे डिस्ट्रीब्यूशन रीस्ट्रक्चरिंग (distribution restructuring) के बावजूद, डोमेस्टिक रेवेन्यू ग्रोथ 12.1% पर बनी हुई है। यह कदम भले ही थोड़े समय के लिए कंसॉलिडेटेड आंकड़ों पर असर डाल रहा हो, लेकिन इसे भविष्य में बेहतर ग्रोथ के लिए उठाया गया है।
आगे क्या?
Orkla India आगे भी डबल-डिजिट ग्रोथ बनाए रखने की उम्मीद कर रही है। नए प्रोडक्ट्स को लॉन्च करने और मौजूदा प्रोडक्ट्स को री-लॉन्च करने की रणनीति से कंपनी को भविष्य में और फायदा होने की उम्मीद है। कंपनी ग्रोथ को अपना मुख्य फोकस मान रही है, जो उसके विविध बिजनेस सेगमेंट्स से समर्थित है।
जोखिमों पर नज़र
- मसालों की महंगाई: मसालों के कच्चे माल की लागत में 32.8% की बढ़ोतरी मार्जिन के लिए एक जोखिम बनी हुई है।
- केरल रीस्ट्रक्चरिंग: केरल में डिस्ट्रीब्यूशन में चल रहा बदलाव थोड़े समय के लिए नतीजों पर असर डाल सकता है।
- भू-राजनीतिक तनाव: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष कमोडिटी की कीमतों और सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकता है।
