Olympic Cards Ltd ने अपनी 34वीं AGM पूरी कर ली है। हालांकि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में अपना सालाना नेट लॉस घटाकर **₹0.26 करोड़** कर लिया है, लेकिन जून तिमाही (Q1 FY27) में कंपनी को **₹1.07 करोड़** का घाटा हुआ है।
क्या हुआ AGM में?
कंपनी ने 7 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी 34वीं AGM आयोजित की। इसमें शेयरधारकों ने डायरेक्टर्स की नियुक्ति और प्रमोटर्स के साथ जुड़े ट्रांजैक्शंस को हरी झंडी दे दी है। साथ ही, डायरेक्टर्स से ₹20 करोड़ तक के बिना ब्याज वाले लोन (Unsecured Loans) लेने की लिमिट तय की गई है।
घाटे का गणित और बिजनेस का हाल
कंपनी के लिए पिछला पूरा साल राहत भरा रहा, जहां सालाना नेट लॉस ₹4.39 करोड़ से घटकर ₹0.26 करोड़ रह गया। हालांकि, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे चिंताजनक हैं। कंपनी का Q1 घाटा ₹1.07 करोड़ रहा, जो बताता है कि मुनाफे में लौटना अभी भी बड़ी चुनौती है। कंपनी की ग्रॉस इनकम ₹12.76 करोड़ (FY26) रही, जबकि Q1 में यह ₹2.52 करोड़ दर्ज की गई। मुनाफे न होने के कारण कंपनी ने कोई डिविडेंड नहीं दिया है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
निवेशकों को ऑडिट रिपोर्ट की 'क्वालिफिकेशंस' (Qualifications) पर गौर करना चाहिए। ऑडिटर्स ने कंपनी की फाइनेंशियल रिपोर्टिंग और कंप्लायंस को लेकर सवाल खड़े किए हैं। मैनेजमेंट ने भी माना है कि डिजिटल क्रांति और बढ़ते कम्पटीशन के कारण वेडिंग कार्ड्स का ट्रेडिशनल बिजनेस काफी दबाव में है, जो भविष्य में कमाई पर और असर डाल सकता है।
