Nivaka Fashions का घाटा बढ़ा, कमाई में भारी गिरावट
Nivaka Fashions ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपना ऑडिटेड वित्तीय नतीजा पेश किया है। कंपनी ने FY2026 में ₹5.21 करोड़ का भारी शुद्ध घाटा दर्ज किया है, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष 2025 में यह घाटा ₹0.50 करोड़ था। वहीं, कंपनी की कुल आय (Total Income) में 90% की बड़ी गिरावट आई है और यह घटकर ₹0.18 करोड़ रह गई है, जो पिछले साल ₹1.84 करोड़ थी। कंपनी की बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी ₹-0.05 से गिरकर ₹-0.51 हो गई है।
क्यों चिंताजनक हैं ये आंकड़े?
आमदनी में इतनी बड़ी गिरावट और घाटे का बढ़ना Nivaka Fashions के लिए गंभीर परिचालन और वित्तीय चुनौतियां पैदा कर रहा है। कंपनी की घटती आय और बढ़ता घाटा इसके भविष्य की संभावनाओं पर सवाल खड़े कर रहा है। इसके अलावा, गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) से जुड़ी ₹4.23 करोड़ की आकस्मिक देनदारी (Contingent Liability) एक और बड़ा वित्तीय जोखिम खड़ा करती है।
पिछला प्रदर्शन कैसा रहा?
FY2025 में Nivaka Fashions ने ₹1.84 करोड़ की कुल आय पर ₹0.50 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया था। पिछले कुछ समय से कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन लगातार गिरता जा रहा है, और FY2026 इसके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है, जिसमें आय लगभग न के बराबर रह गई है।
आगे क्या?
कंपनी ने H R Bohra and Co को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना आंतरिक ऑडिटर (Internal Auditor) नियुक्त किया है। यह एक सामान्य प्रशासनिक कदम है। हालांकि, निवेशकों की नजरें इस बात पर होंगी कि कंपनी अपने बढ़ते घाटे को कैसे नियंत्रित करती है और GST देनदारी के मामले को कैसे सुलझाती है।
मुख्य जोखिम (Risks to Watch)
सबसे बड़ा जोखिम ₹4.23 करोड़ की GST देनदारी से जुड़ा है। यह मामला जुलाई 2017-मार्च 2019 की अवधि के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) में गड़बड़ी से संबंधित है। हालांकि मैनेजमेंट को उम्मीद है कि नतीजा उनके पक्ष में आएगा, लेकिन अगर टैक्स, ब्याज और जुर्माने की मांग की जाती है, तो यह कंपनी की वित्तीय हालत को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। लगातार बढ़ता घाटा और घटती कमाई कंपनी के गोइंग कंसर्न (Going Concern) पर भी सवाल उठा रही है, जैसा कि ऑडिटर ने भी अपने 'Emphasis of Matter' में जोर दिया है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को GST मामले के समाधान की दिशा में कंपनी की प्रगति पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। साथ ही, आय बढ़ाने और खर्चों को नियंत्रित करने के लिए मैनेजमेंट की रणनीति भी अहम होगी। GST देनदारी या कंपनी के परिचालन प्रदर्शन से जुड़ी किसी भी नई जानकारी पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
