Nilkamal Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **14.05%** बढ़कर **₹3,778.06 करोड़** रहा। कंपनी ने अपने ऑपरेशन्स को B2B और B2C वर्टिकल्स में री-अलाइन किया है।
Nilkamal का शानदार प्रदर्शन: रेवेन्यू में 14% की उछाल!
Nilkamal Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 14.05% बढ़कर ₹3,778.06 करोड़ दर्ज किया गया है। वहीं, कंसोलिडेटेड EBITDA में 11.99% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹337.84 करोड़ पर पहुंच गया।
बिजनेस में बड़ा बदलाव: B2B और B2C पर फोकस
कंपनी ने अपने कारोबार को नए सिरे से B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस) और B2C (बिजनेस-टू-कंज्यूमर) वर्टिकल्स में व्यवस्थित किया है। खास बात यह है कि पहली बार, प्लास्टिक फर्नीचर के मुकाबले नॉन-प्लास्टिक फर्नीचर, गद्दे और फोम उत्पादों की बिक्री का योगदान ज्यादा रहा है। इसके अलावा, कंपनी ने ऑटोमेटेड रेडी-टू-असेंबल फर्नीचर लाइन और इन-हाउस पॉलीयूरेथेन फोम मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी शुरू की है।
क्यों यह खबर अहम है?
यह नतीजे और रणनीतिक बदलाव Nilkamal के हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ने और बैकवर्ड इंटीग्रेशन के जरिए ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर बनाने के प्रयासों को दर्शाते हैं। B2B और B2C वर्टिकल्स में बंटवारा कंपनी को ग्राहकों पर बेहतर फोकस करने में मदद करेगा। साथ ही, कंपनी ने ₹20 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी प्रस्तावित किया है, जो शेयरहोल्डर्स के लिए अच्छी खबर है।
पिछली कहानी और अब क्या बदला?
पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में Nilkamal का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹91.27 करोड़ था, जो FY 2025-26 में बढ़कर ₹105.13 करोड़ हो गया है। कंपनी ने अपने 'Nilkamal Homes' डिवीजन के तहत 101 स्टोर्स का आंकड़ा पार कर लिया है और प्रीमियम सेगमेंट के लिए 'Nilkamal Select' भी लॉन्च किया है।
आगे की राह: कंसॉलिडेशन और मार्जिन पर फोकस
कंपनी का मैनेजमेंट वित्त वर्ष 2026-27 को 'कंसॉलिडेशन और मार्जिन डिसिप्लिन' का साल बता रहा है। इसका कारण रॉ मैटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। फरवरी 2026 में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी जैसी वैश्विक सप्लाई चेन की दिक्कतों के कारण रॉ मैटेरियल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया था, जिसका असर कंपनी पर पड़ सकता है।
किन जोखिमों पर नजर?
मुख्य जोखिम पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलीथीन जैसे रॉ मैटेरियल की कीमतों में अस्थिरता है। आने वाले वित्तीय वर्ष में मुनाफा बनाए रखने के लिए कंपनी की कीमत समायोजन और इन्वेंट्री प्रबंधन की क्षमता महत्वपूर्ण होगी।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को Nilkamal की कंसॉलिडेशन रणनीति, रॉ मैटेरियल की कीमतों को मैनेज करने की क्षमता और नॉन-प्लास्टिक तथा हाई-वैल्यू सेगमेंट से मार्जिन सुधारने की एबिलिटी पर अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 में करीबी नजर रखनी चाहिए।
