Newtrac Foods Q2: मुनाफे में उछाल, पर गिरती कमाई और ऑडिट की 'रेड फ्लैग' ने बढ़ाई चिंता

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Newtrac Foods Q2: मुनाफे में उछाल, पर गिरती कमाई और ऑडिट की 'रेड फ्लैग' ने बढ़ाई चिंता

Newtrac Foods & Beverages ने सितंबर 2026 तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹0.08 करोड़** से बढ़कर **₹0.71 करोड़** हो गया है, लेकिन रेवेन्यू में **₹22 करोड़** से **₹6.32 करोड़** की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

मुनाफे के पीछे का सच

सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। हालांकि नेट प्रॉफिट में सुधार जरूर दिखा है, लेकिन यह मुख्य रूप से खर्चों में की गई कटौती का नतीजा है। असल चिंता टॉप-लाइन यानी रेवेन्यू में आई बड़ी गिरावट है, जो पिछले क्वार्टर के ₹22 करोड़ से लुढ़क कर महज ₹6.32 करोड़ रह गई है।

ऑडिटर ने उठाए गंभीर सवाल

इस रिपोर्ट में सबसे बड़ा झटका 'इंडिपेंडेंट ऑडिटर' की टिप्पणी से लगा है। Sarang Shivajirao Chavan and Associates ने अपनी रिपोर्ट में कई 'रेड फ्लैग' लगाए हैं:

  • TDS का उल्लंघन: कंपनी इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत समय पर TDS जमा करने में विफल रही है। इसके चलते लगने वाले ब्याज और पेनल्टी का हिसाब अभी तक फाइनेंशियल्स में नहीं दिखाया गया है।
  • दस्तावेजों की कमी: ऑडिटर्स को कई लेजर अकाउंट्स के लिए जरूरी दस्तावेज ही नहीं मिले, जिसके कारण उन्हें मैनेजमेंट के दावों पर भरोसा करना पड़ा है।

निवेशकों के लिए जोखिम

कॉरपोरेट गवर्नेंस और इंटरनल कंट्रोल में ये कमियां निवेशकों के लिए खतरे की घंटी हैं। टैक्स पेनल्टी का बोझ और सही रिकॉर्ड्स का न होना फाइनेंशियल रिजल्ट्स की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगाता है। निवेशकों को आगे कंपनी के स्पष्टीकरण और ऑडिट रिपोर्ट पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.