Milky Mist Dairy ने अपनी पहली तिमाही के नतीजों में दमदार परफॉर्मेंस दिखाई है। कंपनी का रेवेन्यू **₹973.45 करोड़** रहा, जो पिछले साल के मुकाबले **44%** अधिक है। वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस और बेहतर मार्जिन ने कंपनी के प्रॉफिट को नई ऊंचाई दी है।
मुनाफे और मार्जिन का गणित
Milky Mist Dairy Food Ltd ने बतौर लिस्टेड कंपनी अपने पहले नतीजों में निवेशकों को प्रभावित किया है। कंपनी ने ₹64.67 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि EBITDA मार्जिन पिछले साल के 12.24% से बढ़कर 14.9% पर पहुंच गया है। ग्रॉस मार्जिन में 270 bps का सुधार कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है।
क्यों बदली कंपनी की किस्मत?
कंपनी ने कम मुनाफे वाले 'लिक्विड मिल्क' सेगमेंट से हटकर पनीर, चीज और योगर्ट जैसे हाई-मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स पर दांव लगाया है। योगर्ट की बिक्री में 153% की तिमाही ग्रोथ इसकी गवाह है। इसके अलावा, कंपनी ने लागत के दबाव को झेलने के लिए अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में 10.5% की बढ़ोतरी की है, जिससे यह साबित होता है कि बाजार में इनकी मजबूत पकड़ है।
आगे की रणनीति और Capex प्लान
आने वाले समय में कंपनी रिटेल नेटवर्क को आक्रामक रूप से बढ़ा रही है। अगले 3 साल में 50,000 से ज्यादा विजी कूलर्स और फ्रीजर लगाने का टारगेट है। साथ ही, कंपनी ₹700 करोड़ का बड़ा Capex निवेश करने जा रही है, जो भविष्य के विस्तार की नींव रखेगा।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks)
ग्रोथ के साथ कुछ चुनौतियां भी हैं। कंपनी अपने नए 'वे प्रोटीन कॉन्सेंट्रेट' प्लांट पर काम कर रही है, जिसके पूरा होने में 15-18 महीने लगेंगे। अगर प्रोजेक्ट में देरी हुई, तो ग्रोथ टारगेट प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा, कच्चे दूध की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आइसक्रीम की सीजनल मांग भी मुनाफे पर असर डाल सकती है।
