Milky Mist Dairy Food Limited ने सस्टेनेबिलिटी की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने तमिलनाडु में अपना नया **10 MW** का सोलर प्लांट शुरू किया है, जिससे अब पूरी कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी के मामले में आत्मनिर्भर हो गई है।
ग्रीन एनर्जी में बड़ा निवेश
कंपनी ने अपनी रिन्यूएबल कैपेसिटी को बढ़ाकर अब 41 MW कर दिया है। साल 2016 से लेकर अब तक कंपनी ने ग्रीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर कुल ₹197 करोड़ का निवेश किया है। इसमें अरसनूर (Arasanoor) में हुए हालिया विस्तार पर ही कंपनी ने ₹109.60 करोड़ खर्च किए हैं।
क्यों है यह रणनीतिक फैसला?
पारंपरिक बिजली की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचने के लिए कंपनी ने सोलर, विंड और बायोगैस का सहारा लिया है। इससे कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और मिल्क चिलिंग सेंटर्स की लागत को कंट्रोल में रख सकेगी। अनुमान है कि इस कदम से हर साल 16,000 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
फाइनेंशियल हेल्थ और ग्रोथ
बता दें कि Milky Mist का बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी ने FY2026 में ₹3,138.36 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था, जो 31.26% CAGR की दर से बढ़ा है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या यह ऊर्जा आत्मनिर्भरता भविष्य में कंपनी के मार्जिन में और सुधार लाती है या नहीं।
