Meenakshi India के FY26 नतीजों ने निवेशकों को निराश किया है, जहाँ कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹10.46 करोड़** रह गया। हालांकि, लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए कंपनी ने **₹10** फेस वैल्यू वाले शेयर को **₹5** में स्प्लिट करने का प्रस्ताव रखा है।
भारी गिरावट के पीछे के कारण
कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में इस बार बड़ी कमजोरी देखने को मिली है। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹39.18 करोड़ से घटकर ₹10.46 करोड़ पर आ गया है, जबकि रेवेन्यू भी 9.3% की गिरावट के साथ ₹150.75 करोड़ रहा। मैनेजमेंट का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय ट्रेड टैरिफ और जियोपॉलिटिकल हालातों ने मुनाफे पर बुरा असर डाला है।
क्यों है स्टॉक स्प्लिट का फैसला?
निवेशकों की भागीदारी और लिक्विडिटी बढ़ाने के उद्देश्य से, बोर्ड ने ₹10 फेस वैल्यू वाले शेयरों को ₹5 फेस वैल्यू में विभाजित (Split) करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही, कंपनी ने साल FY30 तक अपनी प्रोडक्शन क्षमता को 18 लाख से बढ़ाकर 37.5 लाख पीस तक ले जाने का महत्वाकांक्षी प्लान भी पेश किया है।
रिस्क और गवर्नेंस पर सवाल
सचिवालय ऑडिट रिपोर्ट (Secretarial Audit) में कुछ गंभीर कमियां पाई गई हैं। इनमें रिस्क मैनेजमेंट कमिटी की मीटिंग्स में देरी और बोनस इश्यू के बाद शेयरहोल्डिंग डेटा फाइल करने में देरी शामिल है। साथ ही, कंपनी मैनेजमेंट डायरेक्टरों को दी गई अतिरिक्त सैलरी (Excess Remuneration) को वापस रिकवर करने की प्रक्रिया में है।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कंपनी अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए श्रीलंका और नेपाल जैसे बाजारों में कैसे विस्तार करती है और ऑडिट की गई खामियों को कब तक ठीक करती है।
