Mayur Uniquoters की 33वीं AGM में निवेशकों ने **₹6** प्रति शेयर के डिविडेंड पर तो रजामंदी दे दी है, लेकिन अरुण बगड़िया की बतौर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर फिर से नियुक्ति का प्रस्ताव बहुमत न मिलने के कारण फेल हो गया है।
डिविडेंड पास, लीडरशिप पर पेच
Mayur Uniquoters की 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कुल 6 प्रस्ताव रखे गए थे। इनमें से 5 प्रस्तावों को शेयरहोल्डर्स ने मंजूरी दे दी, जिसमें ₹6 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी शामिल है। हालांकि, सबसे बड़ी चर्चा का विषय रहा प्रस्ताव नंबर 6, जो अगस्त 2027 से अरुण बगड़िया को दोबारा एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाने से जुड़ा था।
क्यों फेल हुआ प्रस्ताव?
कॉरपोरेट गवर्नेंस के लिहाज से इसे काफी अहम माना जा रहा है। इस स्पेशल रेजोल्यूशन को पास करने के लिए जरूरी मेजॉरिटी नहीं मिल पाई। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्रस्ताव के पक्ष में सिर्फ 70.44% वोट ही पड़े, जो इसे पास कराने के लिए नाकाफी थे।
आगे क्या होगा?
दिलचस्प बात यह है कि इसी मीटिंग में एक अन्य सामान्य प्रस्ताव के तहत उन्हें रोटेशन के जरिए डायरेक्टर बनाए रखने के फैसले को 70.40% सपोर्ट मिला। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी बोर्ड साल 2027 के लिए एग्जीक्यूटिव लीडरशिप के इस गैप को कैसे भरेगी। आगे के अपडेट्स के लिए BSE फाइलिंग्स पर नजर रखना जरूरी होगा।
