Lenskart Solutions ने Financial Year 2025-26 के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **35.3%** बढ़कर **₹9,002.3 करोड़** पर पहुंच गया है। वहीं, EBITDA में **96.7%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी के साथ यह **₹1,009.1 करोड़** दर्ज किया गया।
Detailed Coverage
Lenskart Solutions FY26: रेवेन्यू 35.3% बढ़कर ₹9,002 करोड़, EBITDA में 96.7% की भारी उछाल
कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹9,002.3 करोड़
कंसोलिडेटेड EBITDA (IndAS 116 से पहले): ₹1,009.1 करोड़
निवेशकों के लिए खास: मजबूत ऑपरेटिंग लीवरेज और मार्किट विस्तार Lenskart के FY26 के शानदार प्रदर्शन को दिखा रहे हैं, हालांकि ग्लोबल अनिश्चितताएं एक जोखिम बनी हुई हैं।
क्या हुआ?
Lenskart Solutions ने Financial Year 2025-26 के लिए अपने वित्तीय प्रदर्शन में एक महत्वपूर्ण उछाल दर्ज किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 35.3% की वृद्धि के साथ ₹9,002.3 करोड़ रहा। वहीं, इंटरेस्ट, टैक्सेस, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन (EBITDA) में 96.7% का भारी इजाफा देखा गया, जो ₹1,009.1 करोड़ रहा (IndAS 116 अकाउंटिंग स्टैंडर्ड लागू करने से पहले)। एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 147.7% बढ़कर ₹530 करोड़ हो गया, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुना से भी ज़्यादा है।
यह क्यों मायने रखता है?
यह नतीजे बताते हैं कि Lenskart ग्रोथ-फोक्स्ड फेज से निकलकर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और प्रॉफिटेबिलिटी पर ज़ोर देने वाले फेज में सफलतापूर्वक कदम रख रही है। EBITDA और PAT में यह ज़बरदस्त उछाल कंपनी के वर्टिकली इंटीग्रेटेड मॉडल और इकॉनमीज़ ऑफ स्केल (economies of scale) का फायदा दिखाता है। यह IPO के बाद लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर रिटर्न्स के लिए बेहद ज़रूरी है।
बैकस्टोरी
Lenskart के हालिया इतिहास में नवंबर 2025 में इसका इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) शामिल है। कंपनी अपने फिजिकल और डिजिटल फुटप्रिंट को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसका लक्ष्य 'विजन फॉर ए बिलियन' है। इसमें नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज में निवेश करना और स्टोर नेटवर्क का तेजी से विस्तार करना शामिल है, खासकर भारत के टियर 2 और टियर 3 शहरों में।
अब क्या बदलेगा?
इन मजबूत नतीजों के साथ, Lenskart अपनी बढ़ी हुई प्रॉफिटेबिलिटी का फायदा उठाने के लिए तैयार है। कंपनी हैदराबाद में एक नई मेगा-फैसिलिटी का निर्माण कर रही है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी और एफिशिएंसी में काफी बढ़ोतरी की उम्मीद है। टियर 2+ मार्केट्स में लगातार विस्तार और आई टेस्ट कन्वर्जन को बढ़ाना मुख्य रणनीतियाँ हैं जिन पर नज़र रखनी चाहिए।
जोखिम
मैनेजमेंट ने मैक्रोइकोनॉमिक फैक्टर्स जैसे जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितता और करेंसी में उतार-चढ़ाव से संभावित जोखिमों को रेखांकित किया है, जो इम्पोर्ट कॉस्ट और लॉजिस्टिक्स को प्रभावित कर सकते हैं। ऑर्गेनाइज़्ड और अनऑर्गेनाइज़्ड प्लेयर्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा भी मार्केट शेयर और प्राइसिंग पावर बनाए रखने में एक चुनौती पेश करती है।
पीयर कंपैरिजन
हालांकि FY26 के लिए विशिष्ट पीयर फाइनेंशियल डेटा फाइलिंग में उपलब्ध नहीं है, Lenskart एक प्रतिस्पर्धी आईवियर मार्केट में काम करती है। इसके डायरेक्ट कम्पेटिटर्स में अन्य ऑप्टिकल रिटेल चेन्स शामिल हैं। कंपनी का इंटीग्रेटेड मॉडल और बड़े पैमाने पर ऑपरेशंस इसे बाकी सबसे अलग बनाते हैं।
कॉन्टेक्स्ट मेट्रिक्स (समय-आधारित)
FY26 में, Lenskart के कुल एक्टिव स्टोर्स की संख्या 3,327 रही, जिसमें ग्लोबली 603 नए स्टोर्स जोड़े गए। कंपनी ने 23.8 मिलियन आई टेस्ट किए, जो पिछले साल के मुकाबले 48.5% की वृद्धि है। भारत का रेवेन्यू ₹5,264.8 करोड़ रहा, जिसमें इंडिया EBITDA ₹753.5 करोड़ था।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को आई टेस्ट और सेल्स की वॉल्यूम ग्रोथ, टर्नअराउंड टाइम और मार्जिन पर नए हैदराबाद मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के असर, और कंपनी कैसे ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितताओं और प्रतिस्पर्धी दबावों का सामना करती है, इस पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
