Lehar Footwears का FY26 में शानदार प्रदर्शन
Lehar Footwears Ltd. ने मार्च 2026 में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष (FY26) के लिए ₹431.3 करोड़ का अब तक का सबसे ज़्यादा सालाना रेवेन्यू दर्ज किया है। यह FY25 के ₹277.5 करोड़ की तुलना में 55% की बड़ी बढ़त है। कंपनी के नेट प्रॉफिट में भी शानदार उछाल आया, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹10.9 करोड़ की तुलना में FY26 में लगभग दोगुना होकर ₹20.8 करोड़ हो गया। कंपनी के Return on Capital Employed (RoCE) में भी सुधार हुआ है, जो FY25 के 12% से बढ़कर 18% हो गया है।
ग्रोथ के कारण और फाइनेंशियल हेल्थ
इस मजबूत सालाना प्रदर्शन के पीछे बिज़नेस की ज़बरदस्त ग्रोथ और बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी है। नेट प्रॉफिट का लगभग दोगुना होना और कैपिटल एफिशिएंसी में सुधार, कंपनी के कुशल ऑपरेशनल मैनेजमेंट को दर्शाता है। नॉन-लेदर कैपेसिटी में स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट, 'Rannr' एथलीज़र ब्रांड का विकास और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार इस सफलता के मुख्य कारण रहे। कंपनी को सपोर्टिव GST रिजीम और PM Vishwakarma Scheme से भी फायदा मिला है।
कर्ज में कमी और भविष्य की योजनाएं
लॉन्ग-टर्म डेट में भारी कमी करके कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ को मजबूत किया गया है। कुंदली एथलीज़र फैसिलिटी के Q2 FY27 में कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने के साथ, Lehar Footwears आगे और ग्रोथ के लिए तैयार है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में उसके टूलकिट ऑर्डर्स का पूरा फायदा मिलेगा।
मुख्य आंकड़े और जोखिम
FY26 में, टूलकिट बिज़नेस ने ₹249.5 करोड़ का रेवेन्यू दिया, जिसमें लगभग 100% RoCE रहा, जबकि फुटवियर सेगमेंट ने ₹208.7 करोड़ का योगदान दिया, जिसमें 16% की सालाना ग्रोथ देखी गई। कंपनी की क्रेडिट रेटिंग CRISIL द्वारा BBB/Stable तक अपग्रेड की गई है। हालांकि, टूलकिट ऑर्डर एग्जीक्यूशन का समय एक मुख्य चिंता का विषय बना हुआ है, जिसने पिछले साल की तुलना में Q4 FY26 में आय में गिरावट ला दी थी, जिसका कारण ऑर्डर्स का फेज्ड रियलाइजेशन था। अगर इसे प्रभावी ढंग से मैनेज नहीं किया गया तो यह अगली तिमाहियों की तुलना को प्रभावित कर सकता है।
आगे क्या देखें?
निवेशक कुंदली एथलीज़र फैसिलिटी के कमर्शियल लॉन्च और उसके रेवेन्यू योगदान पर बारीकी से नज़र रखेंगे। FY27 में टूलकिट ऑर्डर्स के रियलाइजेशन और ओवरऑल सेल्स ग्रोथ को ट्रैक करना, लगातार प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होगा।
