Lehar Footwears का दमदार प्रदर्शन: FY26 में ₹20.8 Cr का मुनाफा, 92% की तूफानी उछाल!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Lehar Footwears का दमदार प्रदर्शन: FY26 में ₹20.8 Cr का मुनाफा, 92% की तूफानी उछाल!
Overview

Lehar Footwears ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में **56%** की बढ़ोतरी हुई है, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) **92%** बढ़कर **₹20.8 करोड़** हो गया है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी ने अपने लॉन्ग-टर्म कर्ज को लगभग खत्म कर दिया है और अपना डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क भी बढ़ाया है।

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Lehar Footwears Ltd. FY26 नतीजे: मुनाफा 92% बढ़ा, कर्ज लगभग शून्य!

FY26 में PAT 92% बढ़कर ₹20.8 करोड़ हुआ, रेवेन्यू 56% बढ़कर ₹431.1 करोड़ हुआ।

निवेशकों के लिए खास: दमदार प्रॉफिट ग्रोथ और कर्ज में कमी अच्छी खबर है। प्लांट विस्तार और नए बिजनेस सेग्मेंट्स पर नजर रखें।

क्या हुआ?

Lehar Footwears Ltd. ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले काफी मजबूत ग्रोथ दिखा रहे हैं। कंपनी का रेवेन्यू 56% बढ़कर ₹431.1 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 49% बढ़कर ₹38.9 करोड़ रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) तो 92% की जबरदस्त छलांग लगाकर ₹20.8 करोड़ दर्ज किया गया।

यह क्यों मायने रखता है?

ये नतीजे Lehar Footwears की मजबूत विस्तार योजना और बेहतर मुनाफे को दर्शाते हैं। PAT में इतनी बड़ी वृद्धि कुशल संचालन और सफल बिक्री रणनीतियों का संकेत देती है। इसके अलावा, लॉन्ग-टर्म कर्ज का लगभग खत्म हो जाना कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य में सुधार और वित्तीय जोखिम में कमी का संकेत देता है।

बैकस्टोरी

लंबे समय (FY20-26) की बात करें तो Lehar Footwears ने अपने रेवेन्यू में 29% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR), EBITDA में 31% और PAT में 66% की शानदार CAGR दर्ज की है। कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) भी FY20 के ₹0.71 से बढ़कर FY26 में ₹11.79 हो गई है।

कंपनी ने अपने बैलेंस शीट को भी मजबूत किया है। FY23 में जहां लॉन्ग-टर्म कर्ज लगभग ₹15 करोड़ था, वहीं FY26 तक यह लगभग नगण्य स्तर पर आ गया है। कर्ज कम करने की इस रणनीति ने कंपनी की वित्तीय नींव को और मजबूत किया है।

अब क्या बदलेगा?

कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार कर रही है। इसके तहत, कुंडलि स्थित एथलेisure प्लांट में उत्पादन क्षमता को 1 लाख जोड़ी से बढ़ाकर 5 लाख जोड़ी प्रति माह करने की योजना है। इस विस्तार का वाणिज्यिक संचालन Q2 FY27 से शुरू होने की उम्मीद है। यह विस्तार बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है।

इसके अलावा, Lehar Footwears ने PM Vishwakarma Scheme के तहत टूल किट सप्लाई करके एक नया, एसेट-लाइट बिजनेस सेगमेंट शुरू किया है। इस पहल से कम वर्किंग कैपिटल की जरूरत के साथ कैपिटल एम्प्लॉयड (RoCE) पर उच्च रिटर्न मिलने की उम्मीद है।

जोखिम जिन पर नजर रखनी है

निवेशकों को कुंडलि प्लांट के विस्तार के क्रियान्वयन और Q2 FY27 में इसके समय पर शुरू होने पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। PM Vishwakarma Scheme के तहत नए टूल किट बिजनेस का प्रदर्शन और स्केलेबिलिटी भी महत्वपूर्ण कारक होंगे जिन पर निगरानी रखनी होगी।

पीयर तुलना

हालांकि फाइलिंग में प्रतिस्पर्धियों के विशिष्ट वित्तीय आंकड़े नहीं दिए गए हैं, 18.0% के रिपोर्टेड RoCE और मजबूत PAT ग्रोथ से पता चलता है कि Lehar Footwears फुटवियर उद्योग में अच्छा प्रदर्शन कर रही है। कंपनी के विविध उत्पाद पोर्टफोलियो और बढ़ते वितरण नेटवर्क इसके प्रतिस्पर्धी लाभ हैं।

प्रासंगिक मीट्रिक (समय-आधारित)

  • FY26 रेवेन्यू: ₹431.1 करोड़ (56% YoY ग्रोथ)
  • FY26 EBITDA: ₹38.9 करोड़ (49% YoY ग्रोथ)
  • FY26 PAT: ₹20.8 करोड़ (92% YoY ग्रोथ)
  • लॉन्ग-टर्म कर्ज (FY23): ~₹15 करोड़
  • लॉन्ग-टर्म कर्ज (FY26): लगभग नगण्य
  • CAGR (FY20-26): रेवेन्यू 29%, EBITDA 31%, PAT 66%
  • EPS (FY26): ₹11.79
  • RoCE: 18.0%
  • ऑपरेशंस से कैश फ्लो (CFO): ₹25.2 करोड़
  • निर्यात बिक्री (FY26): ₹30 करोड़ (FY20 में ₹11 करोड़ से)
  • कुंडलि प्लांट विस्तार: Q2 FY27 से वाणिज्यिक संचालन अपेक्षित।

आगे क्या ट्रैक करें?

निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में कंपनी की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए, खासकर कुंडलि सुविधा के रैंप-अप और टूल किट बिजनेस से उत्पन्न राजस्व पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। निरंतर कर्ज में कमी और निर्यात बिक्री का विस्तार भी महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.