लिस्टिंग के बाद अपने पहले नतीजों में Lalithaa Jewellery Mart ने **26%** की शानदार रेवेन्यू ग्रोथ के साथ **₹6,035 करोड़** का कारोबार दर्ज किया है। हालांकि, खर्चों में बढ़ोतरी के चलते कंपनी का नेट प्रॉफिट **22%** घटकर **₹208 करोड़** रह गया है, जिससे EBITDA मार्जिन **6.2%** पर सिमट गया है।
मुनाफे में क्यों आई गिरावट?
कंपनी ने अगस्त 2026 में लिस्टिंग के बाद पहली बार अपने फाइनेंशियल आंकड़े जारी किए हैं। 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी की कुल इनकम ₹6,035 करोड़ रही, लेकिन इसका सीधा फायदा बॉटम लाइन पर नहीं दिखा। कंपनी का कुल खर्च 30% बढ़कर ₹5,658 करोड़ पर पहुंच गया, जिसकी वजह से नेट प्रॉफिट 22% घटकर ₹208 करोड़ रह गया है।
मार्जिन पर दबाव और चिंताएं
ऑपरेशनल मोर्चे पर कंपनी का EBITDA 15% घटकर ₹376 करोड़ रह गया है। मार्जिन में 300 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट चिंता का विषय है। रिटेल निवेशकों के लिए यह संकेत है कि कंपनी के आक्रामक विस्तार और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के बीच तालमेल की कमी दिख रही है।
ऑपरेशनल अपडेट्स
कंपनी वर्तमान में दक्षिण भारत में 64 स्टोर चला रही है, जो कुल 6.96 लाख स्क्वायर फीट में फैले हुए हैं। ₹10,407 करोड़ की गोल्ड इन्वेंटरी को सुरक्षित रखने के लिए मैनेजमेंट कस्टमर एडवांसेज और सप्लायर क्रेडिट का इस्तेमाल कर रहा है ताकि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कम किया जा सके।
आगे की राह
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि क्या यह मार्जिन में गिरावट एक वन-टाइम एक्सपेंशन कॉस्ट है या कंपनी के स्ट्रक्चरल ऑपरेशंस में कोई कमी। आने वाली तिमाहियों में कंपनी खर्चों को किस तरह कंट्रोल करती है, यह स्टॉक के सेंटीमेंट को तय करेगा।
