Kokuyo Camlin ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल **6.6%** बढ़कर **₹185.90 करोड़** पहुंच गया है, लेकिन बढ़ते खर्चों के कारण नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹7.86 करोड़** से लुढ़ककर केवल **₹2.57 करोड़** रह गया है।
मार्जिन पर बढ़ता दबाव
कंपनी के लिए टॉप लाइन यानी रेवेन्यू में इजाफा जरूर हुआ है, लेकिन बॉटम लाइन पर इसका असर नहीं दिखा। कंपनी का टोटल इनकम ₹185.90 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹174.38 करोड़ से बेहतर है। हालांकि, ऑपरेशनल और मटेरियल कॉस्ट में हुई भारी बढ़ोतरी ने कंपनी के मुनाफे पर पानी फेर दिया। कुल खर्च बढ़कर ₹182.02 करोड़ तक पहुंच गए हैं।
डिमांड में सुस्ती का संकेत
पिछले क्वार्टर यानी जून 2026 में कंपनी का रेवेन्यू ₹229.74 करोड़ था, जिसके मुकाबले मौजूदा तिमाही में रेवेन्यू में आई गिरावट से साफ है कि बाजार में स्टेशनरी की डिमांड में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
आगे की राह
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह देखना है कि क्या यह मार्जिन प्रेशर महज अस्थायी है या कंपनी अपनी लागत को ग्राहकों पर शिफ्ट नहीं कर पा रही है। कंपनी का अगला कदम अपनी सप्लाई चेन को बेहतर बनाना होगा, ताकि मार्जिन को फिर से सुधारा जा सके। कंपनी के बोर्ड ने 4 नवंबर, 2026 को इन नतीजों को मंजूरी दी, जिसकी समीक्षा BSR & Co. LLP द्वारा की गई है।
