Khazanchi Jewellers ने फाइनेंशियल ईयर 26 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी की कुल आय बढ़कर **₹2,051.02 करोड़** हो गई है, जबकि नेट प्रॉफिट लगभग दोगुना होकर **₹89.42 करोड़** पर पहुंच गया है। साथ ही, कंपनी मेन बोर्ड पर माइग्रेट करने और अपने रिटेल नेटवर्क का विस्तार करने की योजना बना रही है।
Khazanchi Jewellers का शानदार वित्तीय प्रदर्शन और ग्रोथ स्ट्रैटेजी
क्या हुआ?
Khazanchi Jewellers Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें पिछले साल की तुलना में जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की गई है। कंपनी की कुल आय ₹1,772.53 करोड़ (FY25) से बढ़कर ₹2,051.02 करोड़ हो गई है। वहीं, EBITDA में भी शानदार उछाल आया, जो ₹64.93 करोड़ से लगभग दोगुना होकर ₹126.93 करोड़ हो गया। सबसे अहम, नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹44.96 करोड़ (FY25) से बढ़कर ₹89.42 करोड़ पर पहुंच गया, जिससे अर्निंग पर शेयर (EPS) ₹36.10 हो गया।
यह क्यों मायने रखता है?
मुनाफे और EBITDA में आई यह भारी वृद्धि कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्जिन में सुधार को दर्शाती है। बड़े फॉर्मेट वाले शोरूम खोलने और प्रीमियम डायमंड प्रोडक्ट्स लॉन्च करने जैसी स्ट्रैटेजिक पहलों से मुनाफे को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, BSE SME प्लेटफॉर्म से BSE और NSE के मेन बोर्ड पर माइग्रेट करने का कंपनी का प्रस्ताव, इसके बढ़ते कद और निवेशकों के बीच बढ़ी हुई विजिबिलिटी का संकेत है।
क्या बदलेगा?
कंपनी BSE SME प्लेटफॉर्म से BSE और NSE के मेन बोर्ड पर माइग्रेट करने का प्रस्ताव रख रही है। इस बदलाव से कंपनी को व्यापक निवेशक आधार मिलेगा और स्टॉक की लिक्विडिटी (तरलता) भी बढ़ सकती है। ऑपरेशनल मोर्चे पर, चेन्नई में 10,000 वर्ग फुट का नया फ्लैगशिप शोरूम खोला गया है, जिससे रिटेल आय में FY26 में 10% का योगदान मिला है (FY25 में 5%)। 'Vajraa Diamonds by Khazanchi' के लॉन्च से भी कंपनी के मार्जिन में सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
जोखिम पर नज़र
निवेशकों को कंपनी की वर्किंग कैपिटल इंटेंसिटी में बढ़ोतरी पर ध्यान देना चाहिए। इन्वेंट्री (माल-सूची) की अधिक खरीद के कारण कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो FY25 के 0.28x से बढ़कर FY26 में 0.35x हो गया है। यह बढ़ा हुआ कर्ज और इन्वेंट्री, खासकर सोने में, कंपनी को कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बनाता है। कंपनी ने सोने की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव को एक प्रमुख जोखिम के रूप में पहचाना है, जिसका असर इन्वेंट्री वैल्यूएशन और मार्जिन पर पड़ सकता है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को चेन्नई के नए शोरूम और 'Vajraa Diamonds' प्रोडक्ट लाइन की सफलता पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, जो मार्जिन बढ़ाने में मदद करेंगी। कंपनी के कर्ज स्तर और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट की निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी, खासकर इन्वेंट्री बढ़ने के कारण। BSE और NSE के मेन बोर्ड पर माइग्रेशन की प्रक्रिया और टाइमलाइन भी महत्वपूर्ण घटनाएँ होंगी जिन पर नज़र रखी जानी चाहिए।
