Khazanchi Jewellers ने BSE SME प्लेटफॉर्म से बाहर निकलकर BSE और NSE के मेनबोर्ड पर अपनी जगह बना ली है। कंपनी ने अब **FY2030** तक **₹5,000 करोड़** के रेवेन्यू का लक्ष्य तय किया है, जिसके लिए वे B2C रिटेल और डायमंड ज्वेलरी सेगमेंट पर दांव लगा रहे हैं।
मेनबोर्ड पर शिफ्ट और नई शुरुआत
27 अक्टूबर, 2026 से Khazanchi Jewellers ने आधिकारिक तौर पर BSE और NSE के मेनबोर्ड पर अपना सफर शुरू कर दिया है। इस कदम से कंपनी की लिक्विडिटी बढ़ेगी और बड़े इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए भी रास्ते खुलेंगे।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
कंपनी का अब तक का मॉडल मुख्य रूप से B2B (होलसेल) रहा है, जिससे 90% रेवेन्यू आता था। लेकिन अब मैनेजमेंट अगले 3 से 4 साल में रेवेन्यू मिक्स को बदलकर 60-40 (B2B-B2C) करने की तैयारी कर रहा है। कंपनी का अनुमान है कि इस बदलाव से उनके ऑपरेटिंग मार्जिन 8% से 9% के दायरे में पहुंच जाएंगे।
'Brand Vajraa' और विस्तार की योजना
ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए कंपनी अपने 'Brand Vajraa' सेगमेंट पर फोकस कर रही है, जो नेचुरल डायमंड्स और स्टडेड ज्वेलरी पर केंद्रित है। कंपनी अगले कुछ समय में 8 से 10 नए रिटेल स्टोर्स और एक्सपीरियंस सेंटर्स खोलने जा रही है, साथ ही इन्वेंट्री मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए नए ERP सिस्टम्स भी अपना रही है।
निवेशकों के लिए अहम जानकारी
कंपनी का मौजूदा रेवेन्यू बेस लगभग ₹2,000 करोड़ है और वे सालाना 25% से 30% की ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। हालांकि, इतनी बड़ी छलांग के लिए उन्हें रिटेल सेक्टर की कड़ी प्रतिस्पर्धा में अपनी पकड़ मजबूत करनी होगी। निवेशकों को कंपनी के नए स्टोर्स खुलने की रफ्तार और मार्जिन में होने वाले सुधार पर नजर रखनी चाहिए।
