Khadim India Limited ने FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का सालाना रेवेन्यू **12.2%** गिरकर **₹3,670.95 मिलियन** रहा। एक चुनौतीपूर्ण साल के बाद, अब कंपनी अपना फोकस 'एसेट-लाइट' और प्योर-रिटेल मॉडल पर कर रही है। इस साल निवेशकों को कोई डिविडेंड नहीं मिलेगा।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के ऑपरेशन्स से रेवेन्यू ₹3,670.95 मिलियन रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 12.2% कम है। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) में 83.8% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो अब ₹31.39 मिलियन पर आ गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह कमजोर डिमांड और कंपनी का बड़े स्तर पर चल रहा स्ट्रक्चरल बदलाव है।
क्यों हुआ इतना बदलाव?
Khadim India ने अपने डिस्ट्रीब्यूशन और मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस को KSR Footwear Limited में डीमर्ज कर दिया है। अब कंपनी पूरी तरह से एक रिटेल-फोकस्ड इकाई बन गई है। कंपनी अपनी एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए कम प्रदर्शन करने वाले आउटलेट्स को बंद कर रही है, जिसके चलते स्टोर की संख्या 886 से घटकर 851 हो गई है। फिलहाल 78% नेटवर्क फ्रेंचाइजी मॉडल पर चल रहा है।
नई रणनीति: प्रीमियम पर दांव
कंपनी अपने मार्जिन को बेहतर बनाने के लिए 'प्रीमियमाइजेशन' (Premiumization) पर फोकस कर रही है। इसके तहत British Walkers और Sharon जैसे ब्रांड्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा, कंपनी ई-कॉमर्स हिस्सेदारी को 10% तक ले जाने और Skechers के साथ अपनी पार्टनरशिप को 20 स्टोर्स तक विस्तार देने की तैयारी में है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
बाजार में बढ़ती महंगाई और ग्राहकों की खर्च करने की क्षमता में कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। हालांकि कंपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए इन्वेंट्री घटाने पर जोर दे रही है, लेकिन प्रीमियम कैटेगरी में ग्राहकों का रिस्पॉन्स कैसा रहता है, इस पर नजर रखना जरूरी होगा।
