KSE Ltd ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) पिछले साल के ₹38.55 करोड़ से घटकर सिर्फ ₹0.94 करोड़ रह गया है। यह गिरावट तब आई है जब कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) बढ़ा है।
KSE Ltd को पहली तिमाही में भारी नुकसान
KSE Ltd ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें निवेशकों को तगड़ा झटका लगा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) पिछले साल की समान अवधि में ₹38.55 करोड़ था, जो इस बार घटकर महज़ ₹0.94 करोड़ रह गया है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) 9.05% बढ़कर ₹453.67 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹416.00 करोड़ था।
नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
- नेट प्रॉफिट (PAT): Q1 FY27 में ₹0.94 करोड़ (Q1 FY26 में ₹38.55 करोड़)।
- बेसिक ईपीएस (EPS): Q1 FY27 में ₹0.30 (Q1 FY26 में ₹12.05)।
- रेवेन्यू (Operations): Q1 FY27 में ₹453.67 करोड़ (Q1 FY26 में ₹416.00 करोड़)।
कंपनी के एनिमल फीड डिविजन ने ₹376.13 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि डेयरी डिविजन का रेवेन्यू ₹18.88 करोड़ रहा। हालांकि, ऑयल केक प्रोसेसिंग डिविजन को ₹3.74 करोड़ का लॉस हुआ, भले ही इसका रेवेन्यू बढ़कर ₹113.39 करोड़ हो गया।
कंपनी को इंश्योरेंस क्लेम (Insurance Claim) से ₹0.47 करोड़ का खास फायदा हुआ, साथ ही लेबर कोड कंप्लायंस के लिए बनाए गए प्रोविजन (Provision) को रिवर्स करने से ₹4 करोड़ मिले।
निवेशकों के लिए चिंता की बात
रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद मुनाफे में इतनी बड़ी गिरावट शेयरधारकों के लिए चिंता का विषय है। यह दिखाता है कि कंपनी के मार्जिन पर दबाव है या फिर ऑपरेटिंग खर्चे रेवेन्यू ग्रोथ से ज़्यादा बढ़ गए हैं। इंश्योरेंस क्लेम और प्रोविजन रिवर्सल जैसे एकमुश्त फायदों के बावजूद, कंपनी का असल ऑपरेशनल परफॉरमेंस कमजोर नज़र आ रहा है।
इसके अलावा, कंपनी की एक प्रॉपर्टी के टाइटल डीड को लेकर चल रहे कानूनी विवाद (Legal Dispute) के कारण एसेट पर रोक लगा दी गई है, जो निवेशकों के लिए अनिश्चितता बढ़ा रहा है।
आगे क्या?
निवेशकों को अब कंपनी के मैनेजमेंट से प्रॉफिट मार्जिन सुधारने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने की योजनाओं के बारे में जानना होगा। प्रॉपर्टी को लेकर चल रहे कानूनी मामले का समाधान भी कंपनी के लिए अहम होगा।
