Jubilant FoodWorks ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंसोलिडेटेड प्रॉफिट गिरकर **₹111.58 करोड़** रह गया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह **₹194.59 करोड़** था। हालांकि, कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू बढ़कर **₹2,607.88 करोड़** पहुंच गया है।
मुनाफे में गिरावट की वजह
सितंबर तिमाही के आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी का रेवेन्यू ₹26,078.87 मिलियन (लगभग ₹2,607.88 करोड़) रहा, जो पिछले साल के ₹23,316.67 मिलियन के मुकाबले बेहतर है। वहीं, स्टैंडअलोन परफॉरमेंस की बात करें तो कंपनी ने ₹18,849.97 मिलियन का रेवेन्यू और ₹702.11 मिलियन का प्रॉफिट कमाया है।
क्यों दबाव में है बॉटम लाइन?
कंपनी के कंसोलिडेटेड नतीजों पर इंटरनेशनल सब्सिडियरीज के एकीकरण का असर दिख रहा है। साथ ही, Dunkin' ब्रांड के कारोबार को 'डिस्कंटीन्यूड ऑपरेशन' के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसने कंपनी के ओवरऑल मुनाफे पर असर डाला है। इस तिमाही में Dunkin' बिजनेस ने ₹23.18 मिलियन का नेट लॉस रिपोर्ट किया है।
निवेशकों के लिए खास बातें
- लेबर कोड्स: कंपनी ने साफ किया है कि लेबर कोड से जुड़ी पुरानी वन-टाइम देनदारियां अब खत्म हो चुकी हैं और उनका मौजूदा नतीजों पर कोई असर नहीं है।
- सेगमेंट रिपोर्टिंग: कंपनी अभी भी 'फूड एंड बेवरेजेज' सेगमेंट के तहत काम कर रही है।
- आगे की राह: अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि इंटरनेशनल मार्केट्स से कितनी ग्रोथ आती है और Dunkin' के बाहर होने के बाद कोर QSR बिजनेस के मार्जिन में कितना सुधार देखने को मिलता है।
