Jubilant FoodWorks ने अपनी 31वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) सफलतापूर्वक आयोजित की है। इसमें कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए **₹1.2** प्रति शेयर डिविडेंड को मंजूरी दे दी है। कंपनी की परफॉर्मेंस काफी मजबूत रही है और इसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **17%** बढ़कर **₹9,513 करोड़** के स्तर पर पहुंच गया है।
AGM के मुख्य फैसले
कंपनी की 31वीं एनुअल जनरल मीटिंग में फाइनेंशियल ईयर 2026 के ऑडिटेड नतीजों को मंजूरी दी गई। साथ ही, बोर्ड ने शमीम भरतिया और आष्टि भरतिया को डायरेक्टर के तौर पर दोबारा नियुक्त करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी है।
ऑपरेशंस और फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
कंपनी का पूरा फोकस अब 'Scale That Compounds' रणनीति पर है। मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: 17% बढ़कर ₹9,513 करोड़ रहा।
- मार्जिन: EBITDA मार्जिन में 29 bps और PAT मार्जिन में 97 bps का इजाफा हुआ है।
- डिजिटल फुटप्रिंट: मंथली एक्टिव ऐप यूजर्स की संख्या 25% बढ़कर 1.7 करोड़ हो गई है।
- नेटवर्क: कंपनी के रेस्टोरेंट्स की संख्या बढ़कर 3,636 हो गई है।
- सस्टेनेबिलिटी: कंपनी अपनी लास्ट-माइल डिलीवरी फ्लीट का 67% इलेक्ट्रिक वाहनों में बदल चुकी है।
इंटरनेशनल मार्केट में दम
कंपनी ने श्रीलंका और बांग्लादेश के ऑपरेशंस में प्रॉफिटेबिलिटी हासिल कर ली है, जो इसके ग्लोबल विस्तार के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है। DP Eurasia में कर्ज चुकाने से कंपनी की वित्तीय सेहत भी सुधरी है।
जोखिम और सतर्कता
हालांकि ग्रोथ शानदार है, लेकिन मैनेजमेंट ने ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रही रुकावटों और एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव को एक चुनौती बताया है। निवेशकों को आने वाले समय में कंपनी के फूड-टेक प्लेटफॉर्म की स्केलिंग और इंटरनेशनल मार्केट्स में मार्जिन की स्थिरता पर नजर रखनी चाहिए।
