Jay Kailash Namkeen ने FY26 के अपने नतीजे जारी किए हैं। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू **₹17.46 करोड़** तक पहुंच गया है, लेकिन ऑडिटर्स ने कंपनी की वित्तीय स्थिरता और टैक्स अकाउंटिंग को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं।
मुनाफे में मामूली गिरावट और ऑडिट रिपोर्ट की चिंताएं
कंपनी का रेवेन्यू पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹15.02 करोड़ से बढ़कर ₹17.46 करोड़ हो गया है, लेकिन मुनाफे (PAT) में हल्की गिरावट देखी गई है, जो ₹1.20 करोड़ पर रहा (पिछले साल यह ₹1.22 करोड़ था)। हालांकि, सबसे चौंकाने वाली बात MSNJ & Associates की ऑडिट रिपोर्ट है। ऑडिटर ने कंपनी के भविष्य और 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) स्टेटस पर संदेह जताया है। मुख्य चिंताएं टैक्स अकाउंटिंग (AS-12) और बिना किसी स्पष्ट रिपेमेंट शर्तों वाले ₹4.69 करोड़ के अनसुलझे लोन को लेकर हैं।
अधिग्रहण और बोर्ड में बड़े बदलाव
वित्तीय चुनौतियों के बीच, कंपनी ने Vayuveer Solutions में 80% हिस्सेदारी खरीदने के लिए ₹15.24 करोड़ का प्रिफरेंशियल इश्यू लाने का फैसला किया है। इसके लिए शेयर की कीमत ₹45.19 तय की गई है। इस डील के साथ ही Amar Pramod Talwar अब प्रमोटर कैटेगरी में शामिल हो जाएंगे।
निवेशकों के लिए चेतावनी के संकेत
कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती कैश कलेक्शन बन रही है। ट्रेड रिसीवेबल्स ₹3.97 करोड़ (FY25) से उछलकर ₹12.43 करोड़ पर पहुंच गए हैं, जो कैश फ्लो में बड़ी दिक्कत का संकेत देते हैं। इसके अलावा, बोर्ड में बड़े स्तर पर इस्तीफा दिया गया है, जिसमें CEO और कंपनी सेक्रेटरी भी शामिल हैं, जिससे मैनेजमेंट की स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं।
