JHS Svendgaard FY26 Results: रेवेन्यू में **10.5%** का उछाल, घाटा घटकर सिर्फ **₹1.91 करोड़**

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
JHS Svendgaard FY26 Results: रेवेन्यू में **10.5%** का उछाल, घाटा घटकर सिर्फ **₹1.91 करोड़**

JHS Svendgaard Laboratories ने फाइनेंशियल ईयर **2025-26** के लिए शानदार आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **10.5%** बढ़कर **₹101.69 करोड़** पर पहुंच गया है, साथ ही नेट लॉस में भारी कमी दर्ज की गई है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का विश्लेषण

कंपनी ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजों में जबरदस्त सुधार दिखाया है। पिछले साल जहां कंपनी को ₹19.73 करोड़ का बड़ा नुकसान हुआ था, वहीं इस बार इसे घटाकर मात्र ₹1.91 करोड़ पर लाने में कामयाबी मिली है। ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार के चलते रेवेन्यू भी ₹92 करोड़ से बढ़कर ₹101.69 करोड़ हो गया है।

लीडरशिप में बदलाव

बोर्ड ने मैनेजमेंट में निरंतरता बनाए रखने के लिए अहम फैसले लिए हैं। Nikhil Nanda को अगले 5 साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर फिर से नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स Rajagopal Chakravarthi Venkateish और Kapil Minocha को भी अगले 5 साल का कार्यकाल दिया गया है।

ग्रोथ और स्ट्रैटेजी

कंपनी अब CSD (Canteen Stores Department) सेगमेंट पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है। यहां पोर्टफोलियो को 4 से बढ़ाकर 12 प्रोडक्ट्स तक ले जाया गया है। ओरल केयर और पर्सनल केयर सेगमेंट में कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग कैपेबिलिटी काफी मजबूत बनी हुई है।

निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी

नतीजों के साथ ऑडिटर्स ने कुछ गंभीर बिंदुओं की ओर इशारा किया है। इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स में कुछ कमियां पाई गई हैं, खासकर ट्रेड रिसीवेबल्स और पेबल्स के रिकॉन्सिलिएशन को लेकर। इसके अलावा, कंपनी के ERP सिस्टम में ऑटोमेटेड पेमेंट अलर्ट्स का न होना और हिमाचल प्रदेश के खेड़ी में जमीन से जुड़ा विवाद अभी भी सुलझना बाकी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.