India Glycols ने अपने स्पिरिट्स डिवीजन के लिए एक महत्वाकांक्षी रणनीति का ऐलान किया है। कंपनी ने FY31 तक EBITDA को **₹1,000 करोड़** तक ले जाने और **2028** तक पूरी तरह कर्जमुक्त होने का लक्ष्य रखा है।
मुनाफे और ग्रोथ की रफ्तार
कंपनी ने अपने ताजा इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन में शानदार वित्तीय प्रदर्शन की झलक दी है। FY24 से FY26 के बीच कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 39% CAGR रही है, जबकि EBITDA में 48% की जबरदस्त उछाल देखी गई है। FY26 में कंपनी का नेट रेवेन्यू ₹2,801 करोड़ और पैट (PAT) ₹244 करोड़ रहा है।
भविष्य का लक्ष्य और कर्ज में कमी
मैनेजमेंट ने वित्त वर्ष 2027 तक EBITDA को ₹550 करोड़ से अधिक और 2031 तक ₹1,000 करोड़ के जादुई आंकड़े तक पहुँचाने का रोडमैप तैयार किया है। फिलहाल कंपनी पर नेट डेट ₹767 करोड़ है, जिसे कम करके 2028 तक कंपनी खुद को पूरी तरह से कर्जमुक्त बनाने के मिशन पर काम कर रही है।
बिजनेस मॉडल में बदलाव
India Glycols अब अपने पोर्टफोलियो में प्रीमियम ब्रांड्स को जोड़ने पर जोर दे रही है। कंपनी के पास 379 मिलियन लीटर प्रति वर्ष की विशाल उत्पादन क्षमता है। एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम के तहत, कंपनी ने 220 मिलियन लीटर का आवंटन हासिल किया है, जिससे ₹1,450 करोड़ का रेवेन्यू आने की उम्मीद है। इसके अलावा, Bacardi के साथ 15 साल की लंबी डील और Amrut ब्रांड के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स ने कंपनी की स्थिति को और मजबूत किया है।
नई राह और चुनौतियां
कंपनी अब अपनी पहुंच CSD (कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट) और पैरा-मिलिट्री रिटेल सेगमेंट में बढ़ा रही है। हालांकि, निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि कंपनी प्रीमियम सेगमेंट में अपना लक्ष्य कैसे हासिल करती है और इथेनॉल पॉलिसी में आने वाले बदलाव बिजनेस को कैसे प्रभावित करते हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बाजारों में अपनी पकड़ बनाए रखना कंपनी की अगली बड़ी चुनौती होगी।
