ITC का बड़ा दांव: ₹20,000 करोड़ का निवेश, FMCG और Agri बिजनेस में ग्रोथ पर फोकस

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AuthorAditya Rao|Published at:
ITC का बड़ा दांव: ₹20,000 करोड़ का निवेश, FMCG और Agri बिजनेस में ग्रोथ पर फोकस

ITC लिमिटेड ने अपने विभिन्न व्यवसायों के लिए ₹20,000 करोड़ के बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्लान का ऐलान किया है। कंपनी का मुख्य ध्यान Agri-Business और FMCG सेगमेंट्स में विस्तार पर रहेगा।

Detailed Coverage

भविष्य की ग्रोथ के लिए ITC का बड़ा निवेश

ITC के नेट सेगमेंट रेवेन्यू में पिछले 5 सालों में 10.7% CAGR की जबरदस्त ग्रोथ देखी गई है, जो ₹83,300 करोड़ से अधिक है।

क्या हुआ है?

ITC लिमिटेड ने अपने विभिन्न व्यवसायों के लिए अगले कुछ सालों में ₹20,000 करोड़ के बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्लान की घोषणा की है। कंपनी ने अपने Agri-Business और FMCG सेगमेंट्स में शानदार ग्रोथ का जिक्र किया है। वित्त वर्ष 2026 तक Agri-Business से लगभग ₹20,300 करोड़ और FMCG बिजनेस से ₹24,200 करोड़ का रेवेन्यू लक्ष्य रखा गया है। पिछले 5 सालों में Agri-Business ने अपना रेवेन्यू दोगुना कर लिया है, जिसका श्रेय ITCMAARS जैसे डिजिटल इकोसिस्टम को भी जाता है, जिसका लक्ष्य 2030 तक 1 करोड़ किसानों को जोड़ना है। वहीं, FMCG बिजनेस अपने 30 से अधिक ब्रांड्स के साथ 28 करोड़ से ज्यादा घरों तक पहुंच चुका है। इसके अलावा, Century Pulp & Paper के अधिग्रहण के बाद कंपनी अपने पेपरबोर्ड्स की क्षमता को बढ़ाकर 15 लाख मीट्रिक टन करने की तैयारी में है।

क्यों है यह अहम?

यह रणनीतिक निवेश ITC के सिगरेट बिजनेस से इतर अपने रेवेन्यू स्रोतों को डाइवर्सिफाई करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। FMCG और Agri-Business में मजबूत प्रदर्शन और विस्तार की योजनाएं कंपनी के लिए लंबे समय तक टिकाऊ ग्रोथ सुनिश्चित करेंगी और सिगरेट सेगमेंट में संभावित चुनौतियों से बचाव करेंगी। क्षमता विस्तार और किसानों से जुड़ाव पर कंपनी का यह सक्रिय रुख मार्केट में नेतृत्व और जिम्मेदार व्यावसायिक प्रथाओं पर फोकस को दिखाता है।

बैकग्राउंड

ITC धीरे-धीरे अपने गैर-सिगरेट व्यवसायों पर फोकस बढ़ा रहा है। पिछले 5 सालों में, कंपनी के नेट सेगमेंट रेवेन्यू में 10.7% CAGR की दर से ग्रोथ हुई है, जबकि EBITDA में 9.7% CAGR की ग्रोथ दर्ज की गई है। फिलहाल, नॉन-सिगरेट बिजनेस कंपनी के कुल नेट सेगमेंट रेवेन्यू का लगभग दो-तिहाई हिस्सा बन चुके हैं। इसी अवधि में, कंपनी ने शेयरधारकों को लगभग ₹85,000 करोड़ का डिविडेंड (Dividend) भी बांटा है और सरकारी खजाने में ₹2,30,000 करोड़ से ज्यादा का योगदान दिया है।

अब क्या बदलेगा?

₹20,000 करोड़ का यह Capex ITC के विभिन्न बिजनेस वर्टिकल्स में विस्तार और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देगा। Century Pulp & Paper जैसी अधिग्रहीत इकाइयों का एकीकरण परिचालन क्षमताओं को बढ़ाएगा। ITCMAARS इकोसिस्टम के विस्तार से किसानों के साथ जुड़ाव गहरा होगा, जिसका सीधा फायदा Agri-Business को मिलेगा। कंपनी ने 2050 तक नेट जीरो ऑपरेशंस का लक्ष्य भी रखा है, जिसके तहत अगले 25 वर्षों में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 85% की कमी लाने की योजना है।

जोखिम

एक बड़ी चिंता सिगरेट पर लगने वाले टैक्स का संभावित असर है। मैनेजमेंट का कहना है कि फरवरी 2026 में टैक्स में बढ़ोतरी से अवैध सिगरेट बाजार को बढ़ावा मिल सकता है और कानूनी उद्योग को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, ग्लोबल अस्थिरता और भू-राजनीतिक जोखिम, जैसे पश्चिम एशिया संकट, व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।

आगे क्या देखें?

निवेशक अधिग्रहीत कंपनियों के सफल एकीकरण, ₹20,000 करोड़ के Capex के प्रभावी उपयोग और संभावित टैक्स परिवर्तनों को देखते हुए सिगरेट व्यवसाय के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखेंगे। ITCMAARS प्लेटफॉर्म का विस्तार और FMCG पोर्टफोलियो की ग्रोथ का रास्ता भी महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.