IFB Industries ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **14.02%** बढ़कर **₹1,513 करोड़** रहा, लेकिन कमोडिटी की बढ़ती कीमतों और फॉरेक्स के दबाव के कारण कंपनी का नेट प्रॉफिट **20.48%** गिरकर **₹39.56 करोड़** पर आ गया है।
नतीजों का विश्लेषण
IFB Industries के लिए Q2 की राह थोड़ी कठिन रही। कंपनी ने टॉप-लाइन (रेवेन्यू) में 14.02% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की है, लेकिन नीचे की लाइन (मुनाफा) पर मार्जिन का दबाव साफ दिख रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹39.56 करोड़ रहा है। फेस्टिव डिमांड का तीसरी तिमाही में खिसकना और कच्चे माल की बढ़ती लागत इसका मुख्य कारण रही है।
कारोबार की चाल
कंपनी ने 'प्रीमियमाइजेशन' पर दांव लगाया है। होम अप्लायंसेज में फ्रंट-लोड वॉशर और डिशवॉशर की बिक्री में क्रमशः 40% और 38% का इजाफा हुआ है। वहीं, इंजीनियरिंग डिवीजन की ग्रोथ काफी तेज रही, जहां रेवेन्यू 24.09% बढ़कर ₹284.48 करोड़ पर पहुंच गया है। हालाँकि, ऑटोमोटिव मोटर्स डिवीजन का रेवेन्यू 49.6% उछलने के बावजूद अभी भी मुनाफे के लिए जूझ रहा है।
रिस्क और आगे का रास्ता
मार्केट की नजर अभी भी मार्जिन प्रेशर पर है। कंपनी ने कीमतें बढ़ाई हैं, लेकिन कमोडिटी महंगाई और फॉरेक्स में उतार-चढ़ाव सिरदर्द बने हुए हैं। फिलहाल अच्छी बात यह है कि कंपनी की लिक्विडिटी स्थिति मजबूत है। IFB के पास ₹342.66 करोड़ का नेट कैश मौजूद है, जो कंपनी को अपनी विस्तार योजनाओं और 3X ग्रोथ विजन को पूरा करने में मदद करेगा।
