FMCG सेक्टर की दिग्गज कंपनी Hindustan Unilever (HUL) ने अपनी नई 'Winning in New India' स्ट्रैटेजी का ऐलान किया है। कंपनी प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर जोर देने के साथ ही प्रोटीन और हाइड्रेशन जैसे नए सेगमेंट्स में एंट्री करने जा रही है, ताकि हालिया सुस्त रफ्तार को पीछे छोड़कर वॉल्यूम-लेड ग्रोथ हासिल की जा सके।
नई रणनीति के मुख्य पिलर्स
HUL ने अपनी ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए चार प्रमुख आधार तय किए हैं। कंपनी का लक्ष्य मीडियम-टर्म में 22% से 24% का EBITDA मार्जिन बनाए रखना है। इसके लिए कंपनी अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को बढ़ाकर टर्नओवर का 3% करेगी, जो पिछले पांच सालों में औसतन 2% रहा है।
AI और भविष्य की तैयारी
कंपनी 'फ्यूल फॉर ग्रोथ' प्रोग्राम के तहत काम करेगी। HUL 'फ्यूचर सेविंग्स लैब' के जरिए बचत को पुरानी औसत से 100 बेसिस पॉइंट्स ऊपर ले जाने की तैयारी में है। साथ ही, AI का इस्तेमाल कर मीडिया इफेक्टिवनेस को 10% तक बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इन बचत का इस्तेमाल कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ाने और बेहतर प्राइसिंग स्ट्रक्चर बनाने में करेगी।
पोर्टफोलियो की ताकत
कंपनी का कारोबार चार बड़े हिस्सों में बंटा है:
- होम केयर: रेवेन्यू ₹23,672 करोड़ (कुल योगदान 37%)
- ब्यूटी एंड वेलबीइंग: रेवेन्यू ₹14,990 करोड़ (कुल योगदान 23%)
- फूड्स: रेवेन्यू ₹14,061 करोड़ (कुल योगदान 22%)
- पर्सनल केयर: रेवेन्यू ₹9,564 करोड़ (कुल योगदान 15%)
विकास की संभावनाएं और रिस्क
HUL का ध्यान अब उन कैटेगरी पर है जहां बाजार में पकड़ कम है, जैसे हेयर मास्क (पेनेट्रेशन 1% से कम) और सनकेयर (पेनेट्रेशन 2%)। हालांकि, मौजूदा चुनौतीपूर्ण मार्केट कंडीशन्स के बीच इन नए सेगमेंट्स में अपनी जगह बनाना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी। फिलहाल कंपनी का ROCE (रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड) 110.9% है और ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹10,999 करोड़ है, जो इसकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
