Hindustan Foods Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q1 में मुनाफा **33%** बढ़ा, कंपनी करेगी **₹340 करोड़** का बड़ा निवेश

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AuthorAditya Rao|Published at:
Hindustan Foods Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q1 में मुनाफा **33%** बढ़ा, कंपनी करेगी **₹340 करोड़** का बड़ा निवेश

Hindustan Foods ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी की कुल आय **18%** बढ़कर **₹1,207 करोड़** रही, वहीं नेट प्रॉफिट (PAT) में **33%** की जोरदार उछाल के साथ यह **₹42.8 करोड़** पर पहुंच गया। कंपनी वित्त वर्ष 2027 के लिए **₹340 करोड़** का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) भी करने की योजना बना रही है।

दमदार नतीजों का दम!

Hindustan Foods Ltd. ने अपने Q1 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में ₹1,207 करोड़ का टोटल इनकम दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 18% ज्यादा है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 33% की जबरदस्त बढ़ोतरी के साथ ₹42.8 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA में भी 26% का इजाफा देखा गया और यह ₹106.3 करोड़ पर पहुंच गया।

भविष्य की तैयारी: ₹340 करोड़ का Capex

कंपनी भविष्य की ग्रोथ के लिए कमर कस चुकी है। Hindustan Foods ने वित्त वर्ष 2027 के लिए ₹340 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) का ऐलान किया है। इस निवेश का बड़ा हिस्सा फूड एंड बेवरेज (F&B) सेगमेंट में जाएगा, जिसके लिए ₹210 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, आइसक्रीम सेगमेंट के लिए ₹80 करोड़ और पर्सनल केयर सेगमेंट के लिए ₹50 करोड़ का निवेश किया जाएगा। कंपनी ने बोर्ड से नए प्रोजेक्ट्स के लिए ₹190 करोड़ की अतिरिक्त मंजूरी भी ली है, जिसमें ₹150 करोड़ पिछले साल से कैरी फॉरवर्ड थे।

पीछे क्या है कहानी?

Hindustan Foods लगातार अपने मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं का विस्तार कर रही है और विभिन्न कंज्यूमर-केंद्रित सेक्टर्स में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। कंपनी की यह रणनीति बढ़ती मांग को पूरा करने और अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मजबूत करने में मदद कर रही है।

किन बातों पर रखें नजर?

हालांकि नतीजे शानदार हैं, कुछ चुनौतियां भी हैं। जुलाई महीने में भारी बारिश के कारण सिलवासा स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में कुछ दिक्कतें आईं, हालांकि अब प्रोडक्शन आंशिक रूप से शुरू हो गया है और अगस्त के अंत तक पूरी क्षमता बहाल होने की उम्मीद है। इसके अलावा, फुटवियर सेगमेंट में कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और वेतन वृद्धि के कारण लागत का दबाव है। कंपनी इन चुनौतियों से निपटने के लिए सोर्सिंग में बदलाव और ग्राहकों से कीमतों में समायोजन की कोशिश कर रही है।

आगे क्या?

निवेशकों को कंपनी के वित्त वर्ष 2027 के लिए PAT गाइडेंस (₹200-220 करोड़) पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, वित्त वर्ष 2027 के दौरान ₹500 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट्स के कमर्शियल होने पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा। इसके अलावा, दूसरी और तीसरी तिमाही में रेवेन्यू रिकग्निशन मेथोडोलॉजी में होने वाले तकनीकी बदलावों का कंपनी के रिपोर्टेड टॉप-लाइन आंकड़ों पर असर देखना भी अहम होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.