Hexagon Nutrition लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू **18%** बढ़कर **₹382.6 करोड़** हो गया, जो पिछले साल FY25 के **₹324.9 करोड़** की तुलना में काफी अधिक है।
नतीजों ने मचाया धमाल
Hexagon Nutrition के नतीजों के मुताबिक, कंपनी का EBITDA 31.9% बढ़कर ₹52.9 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह ₹40.1 करोड़ था। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) में 56% की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹37.9 करोड़ पर पहुंच गया, जो FY25 में ₹24.3 करोड़ था। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 12.3% से बढ़कर 13.8% हो गया है, और PAT मार्जिन 7.4% से सुधरकर 9.9% हो गया है।
कंपनी की आर्थिक सेहत
सबसे खास बात यह है कि कंपनी का बैलेंस शीट अब नेट कैश-पॉजिटिव है, जिसमें नेट डेट सिर्फ ₹(14.5) करोड़ है। यह कंपनी के वित्तीय मजबूती को दर्शाता है और कर्ज का बोझ कम करता है। ROCE (रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड) भी 20.94% रहा, जो निवेशकों के लिए एक अच्छा संकेत है।
भविष्य की राह
Hexagon Nutrition अब अपने B2C (बिजनेस-टू-कंज्यूमर) सेगमेंट को बढ़ाने पर जोर दे रही है और मैन्युफैक्चरिंग में भी सुधार कर रही है। कंपनी का लक्ष्य मीडियम-टर्म में EBITDA मार्जिन को 15% से ऊपर ले जाना है। एक्सपोर्ट्स (निर्यात) कंपनी के रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी।
जोखिमों पर भी ध्यान
हालांकि, कंपनी का एक्सपोर्ट पर ज्यादा निर्भर रहना एक जोखिम भी पैदा करता है, क्योंकि वैश्विक आर्थिक मंदी या व्यापार नीतियों में बदलाव का असर पड़ सकता है। इसलिए, कंपनी को अपनी परिचालन दक्षता और प्रोडक्ट मिक्स पर लगातार ध्यान देना होगा।
