Hexagon Nutrition का दमदार प्रदर्शन: Q1 में रेवेन्यू **43.2%** बढ़ा, पर मार्जिन पर दबाव

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AuthorMehul Desai|Published at:
Hexagon Nutrition का दमदार प्रदर्शन: Q1 में रेवेन्यू **43.2%** बढ़ा, पर मार्जिन पर दबाव

Hexagon Nutrition ने Q1 FY27 में अपने रेवेन्यू में **43.2%** की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है, जो **₹104.3 करोड़** तक पहुंच गया। हालांकि, कच्चे माल और शिपिंग की बढ़ी हुई लागत के कारण कंपनी के मार्जिन पर दबाव देखा गया। मैनेजमेंट अब MRP बढ़ाने की योजना बना रहा है।

Hexagon Nutrition की मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ, पर मार्जिन चिंता का सबब

Hexagon Nutrition ने Q1 FY27 में अपने ऑपरेशंस से ₹104.3 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही (Q1 FY26) के ₹72.9 करोड़ की तुलना में 43.2% की बड़ी उछाल है। कंपनी के पास वर्तमान में ₹100 करोड़ का ऑर्डर बुक है, जिसमें से ज्यादातर की डिलीवरी दूसरी और तीसरी तिमाही में होने की उम्मीद है।

क्या हुआ खास?

Hexagon Nutrition ने Q1 FY27 के नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने पिछले साल के मुकाबले रेवेन्यू में 43.2% का इजाफा किया है, जो ₹104.3 करोड़ रहा। इस ग्रोथ में Premix सेगमेंट का योगदान 55%, Branded सेगमेंट का 28% और Therapeutic/ESG सेगमेंट का 42% रहा। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 25.1% बढ़कर ₹8.1 करोड़ रहा, जबकि EBITDA 17.3% बढ़कर ₹11.8 करोड़ दर्ज किया गया।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

रेवेन्यू में यह जोरदार ग्रोथ कंपनी के प्रोडक्ट्स की मजबूत मार्केट डिमांड को दर्शाती है। बड़ा ऑर्डर बुक भविष्य की कमाई के लिए अच्छी तस्वीर पेश कर रहा है। हालांकि, कच्चे माल और शिपिंग की लागत में वृद्धि के कारण ग्रॉस मार्जिन में 3% से अधिक की गिरावट देखी गई है, जो कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी के लिए एक चुनौती पेश कर रहा है।

कंपनी की पृष्ठभूमि

न्यूट्रस्यूटिकल इंडस्ट्री की एक प्रमुख कंपनी Hexagon Nutrition अपने प्रोडक्ट रेंज और मार्केट पहुंच का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी के सेगमेंट के अनुसार, Premix रेवेन्यू का सबसे बड़ा हिस्सा (~62%) है, इसके बाद Branded प्रोडक्ट्स (~28%) और Therapeutic/ESG (~10%) आते हैं। कंपनी की क्षमता का औसतन 47% उपयोग हो रहा है।

अब क्या बदलेगा?

मार्जिन पर दबाव को कम करने के लिए, Hexagon Nutrition अपने Branded प्रोडक्ट्स के लिए MRP में 10-15% की बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है, जिसका असर दूसरी तिमाही से दिखने की उम्मीद है। कंपनी अगले 12-18 महीनों में अपने नासिक फैक्ट्री के पुनर्निर्माण के लिए ₹25-30 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर की भी योजना बना रही है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि पूरे वित्तीय वर्ष FY27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ 20-25% के बीच रहेगी।

जोखिम

इस योजना के क्रियान्वयन और कंज्यूमर डिमांड पर इसके प्रभाव को लेकर जोखिम बना हुआ है। अगर इनपुट लागत और शिपिंग चार्जेस बढ़ते रहे तो कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, ESG सेगमेंट का टेंडर्स पर निर्भर होना ऑर्डर वॉल्यूम में तिमाही उतार-चढ़ाव ला सकता है।

आगे क्या देखें?

निवेशक MRP बढ़ोतरी की प्रभावशीलता, मार्जिन की बहाली, FY27 के लिए अनुमानित 20-25% रेवेन्यू ग्रोथ और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच बढ़ती लागतों को प्रबंधित करने की कंपनी की क्षमता पर करीब से नजर रखेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.