HMA Agro Industries: Q2 में कंपनी की शानदार परफॉरमेंस, रेवेन्यू में **17.7%** का उछाल

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
HMA Agro Industries: Q2 में कंपनी की शानदार परफॉरमेंस, रेवेन्यू में **17.7%** का उछाल

HMA Agro Industries ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू **17.7%** बढ़कर **₹2,733 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में भी **16.46%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर एक नजर

कंपनी के नतीजों में डबल डिजिट ग्रोथ साफ दिख रही है। चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (H1) का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹4,889.80 करोड़ रहा है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 49.17% अधिक है। स्टैंडअलोन स्तर पर बात करें तो EBITDA में 123.13% और PBT में 153.67% की तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) छलांग देखने को मिली है।

ग्लोबल मार्केट में दबदबा

कंपनी की इस सफलता के पीछे भारतीय भैंस के मांस (Buffalo meat) की ग्लोबल डिमांड का बड़ा हाथ है। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और ब्राजील के मुकाबले भारतीय उत्पाद अधिक किफायती होने के कारण HMA Agro को बढ़त मिल रही है। कंपनी अभी अपनी क्षमता का 65-70% उपयोग कर रही है, जिसका मतलब है कि बिना किसी बड़े CAPEX के कंपनी अपना वॉल्यूम बढ़ा सकती है।

लॉजिस्टिक्स की चुनौती और नई राह

मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव के चलते शिपिंग और फ्रेट चार्जेस में 6 से 10 गुना तक का उछाल आया है, जो कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाल रहा है। हालांकि, मैनेजमेंट का मानना है कि फ्रेट दरें स्थिर होने पर मार्जिन में 1.5% से 2% तक का सुधार संभव है। इसके अलावा, कंपनी अब केवल मांस तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि राइस, सीफूड और फलों के कारोबार में उतरकर अपना 'फूड बास्केट' विस्तार कर रही है।

आगे क्या?

इन्वेस्टर्स को आने वाली तिमाहियों में कंपनी के नए पोर्टफोलियो (राइस, सीफूड और फ्रूट्स) की ग्रोथ और शिपिंग लागत में नरमी के संकेतों पर पैनी नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.