Gyftr Ltd के Q4 FY26 नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
Gyftr Limited (पहले LKP Finance Limited) ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त चौथी तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में ₹300.36 करोड़ का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस और ₹6.17 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है। हालांकि, इन नतीजों के साथ ऑडिटर की 'Qualified Opinion' ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
क्या है 'Qualified Opinion' का मतलब?
ऑडिटर की यह राय महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है। ऑडिटर ने मुख्य रूप से दो वजहों का जिक्र किया है: ₹35.97 करोड़ के लोन की कन्फर्मेशन न मिलना और ₹21.22 करोड़ के पुराने कर्ज को लेकर Kingfisher Finvest India Limited के साथ चल रहा कानूनी विवाद। इस विवाद के चलते कंपनी के ₹6.14 करोड़ के म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट को अटैच (जब्त) कर लिया गया है।
NBFC से गिफ्ट वाउचर की ओर सफर
Gyftr Limited ने अपने NBFC बिजनेस को पूरी तरह से बंद कर दिया है और 20 मार्च, 2026 को RBI से अपनी रजिस्ट्रेशन सरेंडर कर दी है। अब कंपनी का पूरा फोकस गिफ्ट वाउचर और रिवॉर्ड्स के बिजनेस पर है। इस स्ट्रेटेजिक बदलाव के चलते कंपनी ने अपना नाम भी LKP Finance Limited से बदलकर Gyftr Limited कर लिया है, जो 6 अप्रैल, 2026 से प्रभावी है।
आगे क्या देखना महत्वपूर्ण होगा?
निवेशकों को अब DRT Bangalore के साथ चल रहे कानूनी मामलों पर बारीकी से नजर रखनी होगी। साथ ही, कंपनी के लेंडर्स से कन्फर्मेशन हासिल करने के प्रयासों पर भी ध्यान देना होगा। इन मुद्दों का समाधान और नए गिफ्ट वाउचर बिजनेस की सफलता, कंपनी के भविष्य के लिए अहम साबित होगी। इसके अलावा, Tisha Lamba को नया कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर नियुक्त किया गया है।
मुख्य आंकड़े:
- Q4 FY26 रेवेन्यू: ₹300.36 करोड़
- Q4 FY26 मुनाफा: ₹6.17 करोड़
- अनकन्फर्म्ड लेंडर बैलेंस: ₹35.97 करोड़
- DRT Bangalore विवादित राशि: ₹21.22 करोड़
- अंडर प्रोटेस्ट जमा राशि: ₹11.26 करोड़
- अटैच्ड म्यूचुअल फंड: ₹6.14 करोड़
