Gyftr Limited का नया अवतार: गिफ्ट वाउचर में धमाकेदार एंट्री
Gyftr Limited, जो पहले LKP Finance Limited के नाम से जानी जाती थी, ने NBFC बिजनेस से पूरी तरह से बाहर निकलने का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने 20 मार्च 2026 को अपना NBFC रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सरेंडर कर दिया है और अब पूरी तरह से गिफ्ट वाउचर और रिवॉर्ड्स के बिजनेस पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
दमदार नतीजे, पर सवालों के घेरे में
वित्त वर्ष 2026 (31 मार्च 2026 को समाप्त) के लिए, Gyftr Limited ने स्टैंडअलोन आधार पर ₹18.39 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। वहीं, वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में, कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹2.75 करोड़ रहा, जबकि कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹6.17 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू Q4 FY26 में ₹300.36 करोड़ रहा।
क्यों यह खबर अहम है?
यह Gyftr Limited के लिए एक बड़ा रणनीतिक बदलाव है, जो अब अपने पुराने वित्तीय सेवा कारोबार से हटकर सीधे उपभोक्ता-केंद्रित गिफ्ट वाउचर और रिवॉर्ड्स के बढ़ते बाजार में उतर गई है। इस नए बिजनेस मॉडल से कंपनी को ग्रोथ की अच्छी उम्मीद है।
ऑडिटर की चिंताएं: क्या है मामला?
हालांकि, कंपनी के नतीजों पर स्टैच्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) की क्वालिफाइड ओपिनियन (Qualified Opinion) ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। ऑडिटर दो मुख्य मुद्दों को लेकर असहमत हैं:
- असत्यापित ऋणदाता शेष (Unconfirmed Lender Balances): कंपनी दो उधारदाताओं से ₹35.97 करोड़ के बैलेंस कन्फर्म नहीं कर पाई है।
- चल रहा मुकदमा (Ongoing Litigation): डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT), बैंगलोर के साथ चल रहे मुकदमेबाजी के कारण ₹11.26 करोड़ की राशि विरोध स्वरूप जमा की गई है। इसके अलावा, रिकवरी ऑफिसर (Recovery Officer) द्वारा ₹6.14 करोड़ के म्यूचुअल फंड निवेश को अटैच कर लिया गया है, जिसका फैसला डेट रिकवरी अपीलेट ट्रिब्यूनल (DRAT), चेन्नई में लंबित है।
आगे क्या देखना होगा?
अब निवेशकों की निगाहें Gyftr Limited के नए बिजनेस सेगमेंट में प्रदर्शन पर रहेंगी। साथ ही, DRAT, चेन्नई में चल रही कानूनी कार्यवाही का नतीजा कंपनी की वित्तीय स्थिति पर बड़ा असर डाल सकता है।
