Gujjubhai Industries का FY26 में जोरदार प्रदर्शन, अब Cafe Gujjubhai को खरीदने की तैयारी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Gujjubhai Industries का FY26 में जोरदार प्रदर्शन, अब Cafe Gujjubhai को खरीदने की तैयारी

Gujjubhai Industries Ltd ने शानदार फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें रेवेन्यू बढ़कर **₹127.07 करोड़** पर पहुंच गया है। कंपनी ने Gujjubhai Foods के साथ मर्जर पूरा कर लिया है और अब **₹15.90 करोड़** में Cafe Gujjubhai Pvt Ltd के अधिग्रहण का ऐलान किया है। हालांकि, ऑडिट रिपोर्ट में अकाउंटिंग कंट्रोल और टैक्स देनदारियों को लेकर कुछ चिंताएं भी जताई गई हैं।

मुनाफे में इजाफा और विस्तार की रणनीति

कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में अपनी टॉप-लाइन और बॉटम-लाइन दोनों में बढ़त दिखाई है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू ₹127.07 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹97.69 करोड़ था। इसी तरह, कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़कर ₹5.18 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹4.68 करोड़ था।

कंपनी ने 23 फरवरी 2026 को Gujjubhai Foods Private Limited के साथ अपना मर्जर पूरा कर लिया है। इसी के साथ कंपनी का नाम बदलकर Sumuka Agro Industries Limited से Gujjubhai Industries हो गया है। बोर्ड ने अब ₹15.90 करोड़ के डील वैल्यू पर Cafe Gujjubhai Pvt Ltd को पूरी तरह से खरीदने का प्रस्ताव रखा है, जिसे इक्विटी शेयर्स के जरिए पूरा किया जाएगा।

ऑडिट रिपोर्ट में 'रेड फ्लैग'

दिखने में मजबूत नतीजों के बावजूद, ऑडिटर्स S K Jha & Co ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ऑडिट में ₹55.54 लाख का लोन उन कंपनियों को देने की बात सामने आई है जो अब बंद हो चुकी हैं। इसके अलावा, ₹3.44 लाख का अनसपोर्टेड इन्वेस्टमेंट और ₹92.93 लाख की अनरिकंसाइल्ड टैक्स लायबिलिटी चिंता का विषय है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कंपनी का अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर ट्रांजैक्शन के लिए जरूरी 'ऑडिट ट्रेल' (Audit Trail) नियमों का पालन नहीं कर रहा है।

मैनेजमेंट में बदलाव और रिस्क

कंपनी में बड़े स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन भी देखने को मिला है। मैनेजिंग डायरेक्टर Paresh Thakker ने 10 अगस्त 2026 को इस्तीफा दे दिया है, जबकि 1 जनवरी 2026 को Aastha Upadhyay ने कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर का पद संभाला है।

रिटेल निवेशकों के लिए फिलहाल कंपनी के इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। निवेशकों को अगली तिमाही की फाइलिंग पर नजर रखनी होगी कि कंपनी टैक्स देनदारियों को कैसे सुलझाती है और ऑडिट सॉफ्टवेयर की खामियों को कब तक ठीक करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.