Gopal Snacks Limited ने महाराष्ट्र के नागपुर में अपनी एक नई बेसन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू कर दी है। इसकी सालाना क्षमता **19,642 मीट्रिक टन** है। कंपनी की यह पहल अपनी लॉजिस्टिक्स लागत घटाने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
खर्चों में कटौती की तैयारी
कंपनी ने अब कच्चा माल सीधे नागपुर में ही बनाने का फैसला किया है। पहले यह माल राजकोट से भेजा जाता था, जिससे ट्रांसपोर्टेशन पर काफी खर्च होता था। नई यूनिट के जरिए कंपनी अपने 'बैकवर्ड इंटीग्रेशन' को मजबूत कर रही है, जिससे महंगाई के इस दौर में ऑपरेटिंग मार्जिन को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
क्यों खास है नागपुर हब?
नागपुर अब कंपनी के लिए एक मुख्य केंद्र बनता जा रहा है। यहाँ पहले से ही गाठिया, नमकीन, वेफर्स और पापड़ जैसे कई स्नैक्स का प्रोडक्शन होता है। नई यूनिट के जुड़ने से अब इस लोकेशन की अहमियत और बढ़ गई है।
मैनेजमेंट का क्या कहना है?
कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मिस्टर बिपिनभाई हडवानी ने कहा कि यह निवेश लंबी अवधि के लिए है। कंपनी का मकसद कैपिटल इन्वेस्टमेंट को सस्टेनेबल बचत में बदलना है। हाल के महीनों में कंपनी की सेल्स में भी रिकॉर्ड तेजी देखी गई है, जो इस विस्तार के साथ और रफ्तार पकड़ सकती है।
अब निवेशकों की नजर कहाँ?
इन्वेस्टर्स के लिए अब देखने वाली बात यह होगी कि आने वाली तिमाही के नतीजों (Quarterly Results) में लॉजिस्टिक्स लागत घटने का फायदा मुनाफे (Bottom-line) पर कितना दिखता है।
